इलाज के नाम पर मरीज खा रहा धक्का

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। डॉ.राममनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को समय से इलाज मिल पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में परिजन इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाने पर मजबूर है और मरीज जीवन और मौत के बीच। बता दें कि राजाजीपुरम के रहने वाले जी.बी. श्रीवास्तव (65) अचानक बीते गुरूवार को बेहोश हो गएं तो उनके परिजन आननफानन मे लेकर उनको निजी अस्पताल भागते हैं वहां के चिकित्सक मरीज को लोहिया चिकित्सालय रेफर कर देते हैं। जिसके बाद अस्पताल पहुंचे मरीज को इमरजेंसी में भर्ती कर लिया जाता है। जांच में सामने आया कि मरीज को न्यूरो की समस्या है, जिसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने जीबी श्रीवास्तव के परिजनो से लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चिकित्सक को दिखाने को कहा। उसके बाद परिजन लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचे, वहां पर चिकित्सक ने देखने के बाद भर्ती कर इलाज करने की बात तो कही पर इलाज करना तो दूर भर्ती तक नही किया।

दो दिन बाद भी नहीं शुरू हुआ इलाज

दो दिन बीतने के बाद भी मरीज का इलाज शुरू नही हो पाया है। मरीज अभी भी लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी स्थित बेड नम्बर 33 पर पड़ा इलाज का का इंतजार कर रहा है। कल शाम लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सक इंमरजेंसी मे भर्ती मरीज को देखने आये भी लेकिन जांच का पर्चा नही भरा गया था, जिससे लोहिया अस्पताल के चिकित्सीय स्टाफ ने जांच तक नही करायी। उधर आयुर्विज्ञान संस्थान में बेड न खाली होने की बात कह कर मरीज को संस्थान में भर्ती भी नही किया है। जबकि लोहिया अस्पताल प्रशासन ने लिखिज रूप से आयुर्विज्ञान संस्थान को सूचित कर दिया है। फिर आज सुबह मरीज की हालत बिगडऩे पर लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों ने अपने हाथ खड़े कर लिये। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब राजधानी के मिनी पीजीआई कहे जाने वाले इस अस्पताल में मरीजों का इलाज करने में डाक्टर सक्षम नहीं हैं तो फिर अन्य अस्पतालों में इलाज का क्या हाल होगा।

बेड न खाली होने के चलते मरीज को भर्ती नहीं किया गया होगा। अभी मरीज लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी मे है वहीं पर इलाज किया जा रहा है। आज मरीज को सुबह शिफ्ट करने के लिए कह दिया है। मरीज शिफ्ट कर दिया गया होगा।
-प्रोफेसर दीपक मालवीय निदेशक डॉ. राम मनोहर आयुर्विज्ञान संस्थान

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