इमरजेन्सी में इलाज के लिए भटकते रहे मरीज

  • कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत की बात कर रहा अस्पताल प्रशासन

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेन्सी में आये दिन डॉक्टरों की संवेदनहीनता देखने को मिल रही है। विशेषकर एक चिकित्सक तो अपनी दबंगई के चलते मरीजों को यह कह कर लौट देता है कि तुम बीमार नहीं हो बल्कि नाटक कर रहे हो। उसकी इस दबंगई को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी मानते हैं। मरीजों द्वारा लिखित शिकायत न करने के कारण अस्पताल प्रशासन भी उस चिकित्सक के खिलाफ कुछ नही कर पा रहा है।
लोहिया अस्पताल में मरीजों को इमरजेन्सी से भगाये जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बुधवार को भी दोपहर के समय इमरजेन्सी में इलाज के लिए आये मरीज तीन घंटे तक तड़पते रहे। लेकिन इलाज के नाम पर वहां मौजूद डाक्टर उन्हें दूसरे अस्पताल जाने की सलाह दे रहे थे। निगोहां की बुजुर्ग राजरानी (65) के पेट में तेज दर्द होने के बाद दोपहर करीब 1 बजे लोहिया अस्पताल लाया गया था। तीमारदार शिवदीप ने बताया कि बेड खाली न होने की बात कह उन्हें भर्ती नही किया गया है। इसी तरह इमरजेन्सी में इलाज के लिए पहुंचे और मरीजों को बेड खाली होने के बावजूद भर्ती नहीं किया गया। तीमारदारों को बेड फुल बताकर मरीजों को बगैर इलाज भगा दिया गया। इस दौरान तीमारदारों ने हंगामा भी किया। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अंदर कक्ष में बातें करने में मशगूल रहे। वहीं इंटर्न मरीजों को बेड फुल बताकर बलरामपुर, सिविल व केजीएमयू ले जाने के सलाह देते रहे।

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