इन्टीरियर डेकोरेशन कोर्स में छात्राओं का बढ़ रहा रूझान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। राजकीय पालिटेक्निक में कई सालों से इंटीरियर डेकोरेशन का कोर्स संचालित है। हर साल एडमिशन होते हैं पर छात्राओं की अपेक्षा छात्रों के एडमिशन ज्यादा होते हैं। पहली बार इंटीरियर डेकोरेशन कोर्स की 60 सीटों में 55 सीटों पर छात्राओं का प्रवेश हुआ है। जबकि यह प्रथम चरण की काउंसिलिंग में ऐसा हुआ है।
राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, लखनऊ में 3 साल से लेकर एक साल तक का डिप्लोमा कोर्स संचालित होता है। कॉलेज में प्रथम चरण की काउंसिलिंग खत्म हो गई है। अधिकांश कोर्स की सरकारी कॉलेज में सीटें फुल हो चुकी हैं। प्रत्येक कोर्स में छात्राओं का एडमिशन हुआ है पर सबसे ज्यादा छात्राओं का एडमिशन इंटीरियर डेकोरेशन के कोर्स में हुआ। इस संबंध में कई छात्राओं से बात की कई तो उन्होंंने कहा कि वर्तमान में इंटीरियर डेकोरेटर की मांग बढ़ी है। बड़े-बड़े आफिस, होटल से लेकर घरों तक में लोग इंटीरियर डेकोरेटर से ही डेकोरेट करा रहे है। आज कल इस र्कोस की डिमान्ड ज्यादा है। शिफाली सिन्हा का कहना है कि इसमें ज्यादा पढ़ाई नहीं करनी पड़ती बस इसकी बारीकियां समझना जरुरी होता है। ममता यादव का कहना है कि हम अधिक जानकारी तो अपने घर में ही सीखे हुए हैं। बस तकनीक को जानने के लिए एक्सपर्ट की जरुरत होती है।यही वजह है कि इस र्कोस में प्रवेश लिया है। आरती वर्मा का कहना है की प्राइवेट सेक्टर में इससे सम्बद्घ वेकेंसी अधिक है, जिसमें यह शर्त होती है की इस कोर्स में डिप्लोमा या डिग्री होना अनिवार्य है। इसलिए हमने इस कोर्स में प्रवेश लिया है।
इस संबंध में कालेज के प्रिसिंपल अशरफ अली कहते है कि इन्टीरियर डेकोरेशन के कोर्स में सीटें खाली पड़ी रहती थी। बड़ी मुश्किल से 5 से 6 सीटें ही भर पाती थी लेकिन इस वर्ष तो छात्राओं की रूचि देखकर मुझे भी आश्चर्य हुआ। इस साल सबसे अधिक प्रवेश इंटीरियर डेकोरेशन के कोर्स में हुआ। उन्होंने कहा कि चार सालों में यह पहली बार है कि इस विषय में पहली ही काउंसिलिंग में 60 सीटों में 55 भर चुकी है।

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