इतवार को ही सरकारी दफ्तर में क्यों लगती है आग

  • बेईमानों के दस्तावेज जल जाते हैं इसी आग में नहीं तो…
  • एनआरएचएम घोटालों के दस्तावेज जलाने की साजिश
  • मलाईदार दफ्तरों में इतवार को लगा दी जाती है आग
  • बालपुष्टïहार और निर्माण निगम के दफ्तरों में भी लगी थी इतवार को आग

-4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
PP1लखनऊ। बेइमानों की हिम्मत की दाद देनी ही पड़ेगी। राजधानी लखनऊ में इतवार को ही सरकारी दफ्तर में आग लगती है और उस आग में करोड़ो के घोटालों के दस्तावेज जलकर राख हो जाते हैं। कोई नहीं जान पाता कि ये आग अचानक कैसे लग गयी। किसी को यह भी चिन्ता नहीं कि इस आग में जो दस्तावेज जलकर राख हो गये हैं उनसे न जाने कितने भ्रष्टï लोगों के चेहरे बेनकाब हो सकते थे। जाहिर है कि आग की ये साजिश एक बड़ी सोची समझी रणनीति है, जिससे हजारों करोड़ के घोटाले को दफन किया जा सके।
इस बार आग इतवार को स्वास्थ्य भवन में लगी। यहां एनआरएचएम घोटाले के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे, जो इस आग में जलकर राख हो गये। बताया जाता है कि एनआरएचएम घोटाला अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। कुछ ही दिनों में इस पर फैसला आने वाला है। इस फैसले में कई लोगों की गर्दन फंसना तय है। ये बड़े लोग पूरी कोशिश में लगे हैं कि किसी भी तरह या तो इस फैसले को प्रभावित किया जाय या फिर दस्तावेज ही जलाकर राख कर दिया जाये। सूूत्र बताते हैं ये आग भी इसी कारण से लगवाई गयी। इतवार का दिन था और दफ्तर बंद था। लिहाजा सारे दस्तावेज को दफन करने का इससे बेहतर मौका कोई दूसरा हो भी नहीं सकता था।
इससे पहले बाल पुष्टïहार और निर्माण निगम के दफ्तरों में आग लगाई जा चुकी है। इन दफ्तरों में भी सैकड़ों करोड़ घोटाले के दस्तावेज जलकर राख हो गये। जाहिर है घोटालेबाजों ने अपने घोटाले छुपाने के लिए नायाब तरीका ढ़ूढ़ निकाला है।

ये बहुत बड़ी साजिश है और इसमें डीजी हेल्थ से लेकर मंत्री लिप्त हैं। सवाल यही है आखिर सभी आग छुट्टी के दिन ही क्यों लगती है? इससे यही साबित होता है की ये सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगी है! इसमें एक न्यायिक आयोग गठित करना चाहिए और इसकी जांच होनी चाहिए!
-आईपी सिंह ( प्रवक्ता बीजेपी )

 

कल्वे जव्वाद ने बढ़ा दीं सरकार की मुश्किलें
-4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शिया सेंटर वफ्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को हटाने की मांग को लेकर कल्वे जव्वाद द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन और मजबूत होता जा रहा है। कल्वे जव्वाद ने हजरतगंज से गिरफ्तारियां देने का एलान करके प्रशासन के पसीने छुड़ा दिये हैं। उन्होंने एलान किया है कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन किया जायेगा।
इसी मांग को लेकर पिछले कई दिनों से कल्वे जव्वाद सर्र्मथकों ने बड़े इमामबाड़े पर ताला लगा दिया है। इन लोगों की मांग है कि वसीम रिजवी को तत्काल चेयरमैन पद से हटाया जाय। इसी मांग को लेकर कल हजारों लोग इमामबाड़े पर इक_ïे हुए और सरकार व आजमखां के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज शाम से जव्वाद समर्थक हजतरगंज आकर गिरफ्तारी देंगे। इसके मद्देनजर आस-पास के थानों से भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। कल्वे जव्वाद को मनाने के लिए पिछले दिनों प्रशासनिक अफसरों ने उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से कराई थी, मगर जव्वाद ने वहां भी साफ कर दिया कि चेयरमैन की बर्खास्तगी के बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा।

तलाश करने का नाटक कर रही है बाराबंकी पुलिस

  • अफसरों को अय्याशी कराता था इकबाल, एसपी बाराबंकी से भी हैं करीबी रिश्ते
  • फोन की सीडीआर नहीं निकलवा रहीं पुलिस
  • चोरी की गाड़ी से फायरिंग की थी फर्जी राज्यमंत्री ने

– 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा के ही एक नेता का कहना था कि इकबाल ने अफसरों और नेताओं को जो अय्याशी करायी है उसके चलते ये अफसर उसके गुलाम बन गये थे। मुम्बई की जानी-मानी मॉडल इकबाल के सम्पर्क में बताई जाती थी।
इन मॉडलों की मुलाकात कई अफसरों से कराई गयी। राजनीति और नौकरशाही का ये घिनौना कॉकटेल ही था जिसने एक गुंडे को राज्यमंत्री स्तर तक का दर्जा दिलवा दिया। बाराबंकी में टोल टैक्स पर हुई फायरिंग की गूंज लखनऊ से दिल्ली तक भले ही सुनाई दे रही हो मगर इकबाल ने बाराबंकी पुलिस का मुंह रुपए से भर दिया है। यही कारण है कि बाराबंकी के एसपी अब्दुल हमीद ने अभी तक न तो इकबाल का फोन सर्विलांस पर लगवाया है और न ही उसकी सीडीआर निकलवाई है। पुलिस इकबाल की सीडीआर इसलिए नहीं निकलवा रही क्योंकि इकबाल अपनी अय्याशी के लिए पुलिस अफसरों से लगातार बात करता रहता था इसमें बाराबंकी के एसपी भी शामिल है जो अब नाटक कर रहे हैं कि वे इकबाल की गिरफ्तारी को दबिश डलवा रहे हैं।
इकबाल ने जिस गाड़ी से बाराबंकी में फायरिंग की वह चोरी की निकली और उसके मालिक का नाम व्हाट्सएप है और पिता का नाम शून्य है। जाहिर है जितना फर्जी ये कथित राज्यमंत्री है उतनी ही फर्जी इसकी हरकते हैं।

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