इटावा में वन्यजीव अनुसंधान संस्थान बनाने की तैयारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। वन विभाग वन्य जीवों और उनके जीवन से जुड़े अनेकों पहलुओं पर शोध की सुविधा प्रदेश में उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। वन विभाग की कोशिशें सफल रहीं तो इटावा में बनने वाला वन्यजीव अनुसंधान संस्थान देहरादून के बाद दूसरा वन्यजीव अनुसंधान संस्थान होगा।।
इटावा में वन्यजीव अनुसंधान संस्थान विकसित करने के बारे में वन विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि वहां जंगल, नदी और हवाए तीनों में विचरण करने वाले वन्यजीव हैं। वन विभाग इटावा के फिशर फारेस्ट क्षेत्र में एशियाई प्रजाति के बबर शेरों के लिए लायन सफारी विकसित कर रहा है। यहां पर वन्यजीवों की दूसरी प्रजातियों को भी बसाने की योजना है। इटावा से गुजरने वाली चंबल नदी में घडय़िाल, गांगेय डॉल्फिन और कई प्रजातियों की मछलियां पायी जाती हैं। वहीं इटावा में राज्य पक्षी सारस का भी प्राकृतवास है। इटावा से तकरीबन सवा सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित आगरा में सुर सरोवर पक्षी विहार और कीठम भालू संरक्षण केंद्र भी है। वन्यजीवों के लिहाज से चंबल के बीहड़ की अपनी विशेषता है। वन्यजीवों की प्रचुरता और पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध आगरा से नजदीकी के कारण इटावा ईको टूरिज्म के लिए भी मुफीद है। इसलिए राज्य सरकार ने इटावा में वन्यजीव अनुसंधान संस्थान विकसित करने का फैसला किया है। प्रधान एवं मुख्य वन संरक्षक उमेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित वन्यजीव अनुसंधान संस्थान के लिए पांच हेक्टअर जमीन चाहिए। संस्थान के निर्माण के लिए जमीन तलाशी जा रही है।

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