इंडिया टीवी के कार्यक्रम में सीएम ने  कहा मैं सभी मंत्रालय और पद भी दे दूंगा मगर टिकट बांटने में हो मेरा अधिकार

  • जत शर्मा से बात करते हुए सीएम अखिलेश यादव ने साफ किया कि अब किसी भी कीमत पर बाहरी आदमी परिवार में और सरकार में दखल नहीं देगा 
  • अमर सिंह का नाम लिए बिना साधा निशाना, कहा आजम खां सही कहते हैं चोर की दाढ़ी में तिनका
  • सीएम ने कहा पिता की इच्छा सर्वोपरि है, उनके हर आदेश का करूंगा पालन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

11लखनऊ। इंडिया टीवी के कार्यक्रम में आज  सीएम अखिलेश यादव ने सबका मन जीत लिया। रजत शर्मा के तीखे सवालों का अखिलेश ने खुले मन से जवाब दिया। हॉल में बैठे सभी लोग अभिभूत होकर सीएम की बात सुन रहे थे। अखिलेश ने कहा यहां आने से पहले नेताजी से बात करके आया हूं। किसी भी कीमत पर अब बाहरी आदमी को दखल देने का अधिकार नहीं रहेगा। शिवपाल को लेकर किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह मेरे चाचा भी हैं और नेताजी के भाई भी। हमारे परिवार में नेताजी की बात सर्वोपरि है। वह जो भी कहेंगे, हम सबको स्वीकार होगा।
यह पूछे जाने पर कि प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटने के बाद आपको गुस्सा आया, तो सीएम ने साफ-साफ कहा कि क्या हुआ यह आपने मेरे फैसलों में देख ही लिया होगा। जब पूछा गया कि गुस्से में आपने शिवपाल जी के विभाग ही हटा दिए तो सीएम ने कहा कि हो सकता है यह उम्र का तकाजा हो। कम उम्र होने की वजह से मैं कड़े फैसले ले पाता हूं। सीएम ने कहा कि विवाद परिवार में नहीं है, विवाद उस कुर्सी पर है जिस वह बैठे हैं। जब उनसे पूछा गया कि आपका घर पड़ोस में है, जब आपके खिलाफ नारे लगे वह आपको सुनाई पड़े। सीएम ने कहा ऐसी बातें जब होती हैं तो मैं हेडफोन लगाकर गाने सुनने लगता हूं।
रजत शर्मा ने जब कहा कि अभी-अभी सूचना आई है कि नेताजी ने कहा है कि गायत्री को फिर मंत्री बनाया जाएगा तो सीएम ने कहा कि नेताजी जो फैसला लेंगे वह मुझे मंजूर होगा। मुझे अभी फैसले की जानकारी नहीं है। शिवपाल यादव के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में सीएम ने कहा कि वह मेरे चाचा हैं और हमारा परिवार एक ही है।
दो मंत्रियों की बर्खास्तगी और मुख्य सचिव को हटाने के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में सीएम ने कहा कि चाचा को पता है इन मंत्रियों को और मुख्य सचिव को किसने हटाया है। दिल्ली में अमर सिंह की दावत के विषय में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह वहां मौैजूद तो नहीं थे मगर वहां की बातें लोगों से पता जरूर चल गईं। वहां कुछ ऐसी बातें जरूर की गईं।
कौमी एकता दल के विलय के बारे में जब रजत शर्मा ने उनसे सवाल किया तो सीएम ने कहा कि आप कहो तो मैं शामिल कर लेता हूं, मगर फिर मुझसे सवाल मत करना। प्रदेश सरकार के कामों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में लगातार विकास हो रहे हैं। मायावती के कानून व्यवस्था के खराब होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर कानून व्यवस्था खराब होती तो यहां इन्वेस्टमेंट नहीं होता। इंफोसिस जैसी कंपनियां यूपी में अपना पैसा नहीं लगातीं।

सीएम ने कहा कुर्सी भी छोड़ सकता हूं
सीएम से आज जब रजत शर्मा ने कई बार शिवपाल यादव के मंत्रालय वापस किए जाने का सवाल किया तो सीएम ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका जो गया है उसके बारे में कोई सवाल क्यों नहीं कर रहे। मतलब अपने प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने को लेकर था। फिर सीएम खुद बोले मैं सारे विभाग और पद वापस कर दूंगा, बस परीक्षा मेरी है, तो टिकट बांटने का अधिकार भी मुझे मिलना चाहिए। जवाब में रजत शर्मा ने कहा कि इतनी दरियादिली दिखाने पर तो कोई आपसे सीएम की कुर्सी भी मांग लेगा तो सीएम ने कहा कि अगर उपयुक्त व्यक्ति होगा तो वह सीएम की कुर्सी भी दे देंगे।

देश भर के लोगों की निगाह थी इंडिया टीवी पर

यादव परिवार में चल रहे घमासान के बीच आज देश भर के लोगों की निगाह इंडिया टीवी पर लगी हुई थी। इंडिया टीवी ने आज ताज होटल में चुनाव मंच कार्यक्रम का आयोजन किया था। दो दिन से यादव परिवार में जिस तरह का घमासान चल रहा था। उसके बाद सबकी निगाह इस कार्यक्रम में लगी हुई थी कि सीएम कार्यक्रम में क्या बोलेंगे। इस विवाद के बाद किसी को भी सीएम का पक्ष जानने का मौका नहीं मिल रहा था। आज 11 बजे से ही सबने इंडिया टीवी लगा लिया था और सीएम का रिएक्शन देखने बैठ गए थे।

दो दिन से नेताजी की चरण वंदना में जुटे गायत्री प्रजापति को सपा मुख्यालय पर सुरक्षा गार्डों ने धक्का देकर बाहर निकाला

इसे कहते हैं वक्त का फेर। जिन गायत्री प्रजापति की कुछ दिनों पहले तक तूती बोलती थी और सब उनके दरबार में हाजिरी देने को बेताब रहते थे। उन्हीं गायत्री को आज नेताजी के सुरक्षा गार्डों ने धक्के देकर बाहर निकाल दिया। पार्टी से बाहर जाने के बाद गायत्री नेताजी के दरबार में और शिवपाल के दरबार में हाजिरी लगाकर अपनी कुर्सी बचाने की तरकीब में जुटे थे। इसी क्रम में आज सुबह फिर गायत्री प्रजापति नेताजी के पास पहुंचने की कोशिश में थे मगर सुरक्षा गार्डों ने उन्हें धक्के देकर बाहर निकाल दिया। गायत्री ने खनन में प्रदेश में जो लूट मचाई थी, उससे सरकार की बहुत किरकिरी हुई थी और इस मामले की सीबीआई जांच शुरू हो गई थी।

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