आशियाना गैंगरेप में 11 साल बाद आया फैसला, गौरव शुक्ला दोषी करार

मामले में दो आरोपियों की हो चुकी है मौत
कोर्ट ने दोषी गौरव को माना बालिग
गैंगरेप के बाद दोषियों ने फेंक दिया था लडक़ी को डालीगंज में

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ग्यारह साल पहले हुए आशियाना गैंगरेप केस में मुख्या आरोपी गौरव शुक्ला को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। मामले में 16 अप्रैल को इसकी सजा सुनाई जाएगी। बुधवार को फास्टर ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायालय के जस्टिस अनिल कुमार शुक्ला ने यह फैसला दिया।
आशियाना गैंगरेप में दोषियों ने रास्ते में जा रही एक लडक़ी को गाड़ी में खींच लिया था। गैंगरेप के बाद उसके शरीर को सिगरेट से जलाया भी। चलती कार में करीब 5 घंटे तक आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। बाद में उसे डालीगंज पुल के पास छोडक़र चले गए।
रात में एक पुलिसकर्मी ने लडक़ी को अर्धबेहोशी हालत में पाया और पूछताछ के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। पीड़िता ने बयान के अनुसार परिजनों ने आशियाना थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कोर्ट ने बुधवार को मामले में गौरव शुक्ला को दोषी माना। ट्रायल के समय मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला के नाबालिग होने को लेकर काफी बहस हुई। करीब 11 साल तक चली इस बहस के बाद आखिरकार कोर्ट ने गौरव को बालिग माना। गौरव के कॉलेज में लगे सार्टिफिकेट के अनुसार, गौरव की बर्थ डेट 14 मार्च 1987 है।
मामले में पीडि़ता के बयान के आधार पर माफिया अरुण शंकर शुक्ला के भतीजे गौरव शुक्ला और उसके दोस्त भारतेंदु शुक्ला, सौरभ जैन, अमन बक्शीे, आसिफ सिद्दकी और फैजान के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। 4 दिसंबर 2005 को गौरव शुक्ला को बेल पर रिहा कर दिया गया। साल 2007 में भारतेंदु और अमन को दोषी मानते हुए कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई। वहीं, ट्रायल के दौरन ही सौरभ और आसिफ की मौत सडक़ हादसे में मौत हो गई और फेजान को कोर्ट ने गैंगरेप नहीं बल्कि किडनैपिंग के चार्ज में दोषी पाया। जबकि गौरव के नाबालिग बालिग होने को लेकर शुरू हो गई थी, जोकि 11 साल तक चली।

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