आवास-विकास में काम ठप, आंदोलन जारी

  • प्रदेश भर में उग्र रूप ले रहा आंदोलन 3
  • विभिन्न योजनाएं अधर में लटकी, शासन-प्रशासन के अधिकारी मौन

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बकाये एरियर व पेंशन ट्रस्ट की गठन की मांग को लेकर संघर्ष समिति, उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद के बैनर तले सैकड़ों की संख्या कर्मचारियों-अधिकारियों का कार्य बहिष्कार सातवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए शासन-प्रशासन को आंदोलन को और उग्र रूप लेने की चेतावनी दी। कार्य बहिष्कार पर पूरे प्रदेश के विभिन्न मंडलों में सैकड़ों कर्मियों का समर्थन मिला है। विभिन्न जिलों में परिषद कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया। उधर आवास-विकास में काम-काज ठप्प से परिषद को नुकसान उठाना पड़ रहा है। परिषद की कई उपयोगी योजनाएं अधर में लटक गईं हैं। वहीं शासन-प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की मंागों को लेकर कोई सकारात्मकता नजर नहीं आ रही है।
संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारियों का आवास-विकास मुख्यालय पर आंदोलन जारी है। कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई लडऩे का फैसला किया है। वहीं कर्मचारियों के अंदर आक्रोश व्याप्त है। यहां वक्ताओं ने बताया कि शासन की ओर से हमेशा से ही मांगों पर टालमटोल की गई है। वह परिषद कर्मियों को बकाये एरियर के भुगतान के संबंध में हमेशा से ही टालता रहा है। किन्तु छह वर्षों से लगातार किये जा रहे संघर्ष के बाद अब यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। प्रमुख सह संयोजक राजमणि मिश्रा ने बताया कि जल्द ही शासन की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो हम लोग मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री आवास की तरफ अपनी मांगों को लेकर कूच करने के लिए विवश होंगे। कार्य बहिष्कार में पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों से समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शन में डा. अनिल कुमार, बिन्नू कुमार, संदीप कन्नौजिया, राजेश कुमार दुबे, आरके सिंह, राजकुमार व लालबचन गुप्ता समेत परिषद के दर्जनों कर्मी-अधिकारी व अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

योजनाएं अधर में लटकीं

आवास विकास परिषद ने अपने करोड़ों के फसे हुए फ्लैटों की बिक्री के लिए नया तरीका अपनाया है। महंगे फ्लैटों को जनता ने सिरे से नकार दिया है। इसी के चलते आवास-विकास का करोड़ों रुपया डंप पड़ा है। वहीं इस समस्या से निकलने के लिए परिषद अब सेमी फिनिश्ड फ्लैटों को ला रहा है, जिसका रजिस्ट्रेशन 15,16 सितम्बर को परिषद द्वारा खोला जाना था, लेकिन कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार और हड़ताल के चलते यह योजना अगले महीने में ही परवान चढऩा संभव हो पाएगी। परिषद के मुख्य अभियंता आरके अग्रवाल ने बताया कि महंगे फ्लैटों को जनता पसंद नहीं कर रही है, जिसकी वजह से सेमी फिनिश्ड फ्लैटों को परिषद ने निर्माण कराने का फैसला किया है। इससे करीब 10 लाख रुपये तक कि फ्लैटों की कीमतों में गिरावट आएगी। श्री अग्रवाल ने बताया कि एवरेस्ट योजना के तहत पीजीआई के सामने एचआईजी के 110 फ्लैटों के लिए आगामी 15, 16 सितम्बर को रजिस्ट्रेशन खोला जाना था, लेकिन सात दिन से जारी आंदोलन व हड़ताल के चलते ऐसी ही कई योजनाएं हैं, जिन पर असर पड़ा है। अब यह योजनाएं अगले महीने में कब आ पाएंगी या फिर कब रजिस्ट्रेशन खोल जा सकेगा। यह बताना संभव नहीं है।

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