आरडीएसओ करेगा मेट्रो के बबलिंग की जांच

पांच दिन तक चलेगा ऑक्सीलेशन टेस्ट

capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में चलने वाली मेट्रो में लोगों को जर्क न लगे इसके लिए लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन आने वाले कुछ सप्ताह में अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के साथ एक परीक्षण करने जा रहा है। यह ऑक्सीलेशन टेस्ट पांच से सात दिन तक चलेगा। इस पूरे परीक्षण को मेट्रो ट्रैक पर ही ट्रेन के संचालन के दौरान किया जाएगा।
लखनऊ मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि ऑक्सीलेशन टेस्ट के पीछे उद्देश्य होता है कि मेट्रो का संचालन ऐसा हो कि उसमें यात्री का सफर सुगम हो। उसे सफर के दौरान किसी प्रकार के झटके, कंपन और कोच में जर्क न लगे। आरडीएसओ की टीम कोच में इन कमियों को दूर करने के लिए प्रयास करेगी, जिसमें कार्यदायी संस्था एलस्टॉम व लखनऊ मेट्रो साथ देगी। उन्होंने बताया कि यह परीक्षण ट्रांसपोर्ट नगर से मवइया मेट्रो स्टेशन के बीच जल्द ही शुरू होगा। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के दौरान मशीन को मेट्रो कोच के सभी पहियों से कनेक्ट कर दिया जाता है। मेट्रो के चलते ही पूरी रिपोर्ट मशीन पर आती जाएगी। उसी के हिसाब से आरडीएसओ की टीम उन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देती रहेगी। यह प्रक्रिया सभी कोचों में अपनाई जाएगी। उसके बाद ही पब्लिक के लिए मेट्रो को हरी झांडी मिलेगी।

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