आरटीई कानून न मानने वाले विद्यालयों की मान्यता रद करे सरकार: संदीप पाण्डेय

  • प्रमुख कालेजों में भी गरीब बच्चों का दाखिला लेने में की जा रही हीलाहवाली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश भर में राइट टू एजुकेशन यानी आरटीई कानून के पालन में लापरवाही बरती जा रही है। राजधानी के प्रमुख स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला लेने में हीलाहवाली बरती जा रही है। स्कूल प्रशासन आरटीई कानून मानने को बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं। ऐसे में आरटीई कानून न मानने वाले स्कूलों की मान्यता रद कर दी जानी चाहिए। ये विचार सोशलिस्ट पार्टी के संदीप पांडेय ने कही। उन्होंने आरटीई मामले में लापरवाही करने वालों के खिलाफ हजरतगंज में कल शाम प्रदर्शन भी किया।
आरटीई के तहत गरीब बच्चों का स्कूलों में दाखिला न होने के खिलाफ गुरुवार की शाम सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), नींव एसोशिएशन, आशा परिवार व अभिभावक मंच ने हजरतगंज में प्रदर्शन किया। यह मांग की गई कि जो विद्यालय शिक्षा के अधिकार कानून का पालन नहीं कर रहे उनकी मान्यता रद्द करने की दिशा में उनको दिया गया अनापत्ति प्रमाण पत्र वापस लिया जाये। गौरतलब है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12(1)(ग) के तहत कक्षा 1 से 8 तक नि:शुल्क शिक्षा के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कई निजी विद्यालयों को निर्देशित किया है। इनमें सबसे बड़ा दोषी सिटी मांटेसरी विद्यालय है, जो लगातार दूसरे वर्ष भी दाखिलों का विरोध कर रहा है। पिछले वर्ष सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बावजूद बच्चों का दाखिला रोक पाने में असफल जगदीश गांधी इस वर्ष पुन: 58 बच्चों का दाखिला लेने को तैयार नहीं हैं। प्रदेश सरकार जगदीश गांधी से बेसिक शिक्षा अधिकारी के आदेश का पालन करा पाने में असमर्थ रही है। इस अर्थ में यह सरकार निकम्मी साबित हुई है।

एडमिशन न लेने वाले प्रमुख स्कूल

संदीप पांडेय के मुताबिक तरह भाजपा नेता सुधीर हलवासिया के विद्यालय ने भी 22 बच्चों के दाखिले का विरोध किया है। दो बच्चों – आसना फरहद व पाखी राजपूत को दाखिला देकर निकाला गया। इसी तरह वीरेन्द्र स्वरूप पब्लिक स्कूल ने शान मोहम्मद व मोहम्मद जैद का दाखिला लेकर उनको निकाल दिया। सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर से सुधीर हलवासिया को भाजपा से निष्कासित करने की संस्तुति करने का आग्रह कर चुकी है। सुधीर हलवासिया को भाजपा से निष्कासित करने का भाजपा अध्यक्ष को सम्बोधित एक अभियान चलाया जा रहा है। जगदीश गांधी की बेटी सुनीता गांधी भी अपने विद्यालय सिटी इण्टरनेशनल स्कूल में 9 बच्चों का दाखिला लेने को तैयार नहीं हैं। सेण्ट मेरी इण्टर कालेज, मटियारी 5 बच्चों का दाखिला लेने को तैयार नहीं। सेण्ट मेरी कान्वेण्ट, जानकीपुरम व दिल्ली पब्लिक स्कूल भी दाखिला लेने में आनाकानी कर रहे हैं। एग्ज़ॉन मांटेसरी ने 8 बच्चों का दाखिला तो लिया है किंतु उनको अलग बैठा कर उनके साथ भेदभाव कर रहा है।

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