आरएलबी अस्पताल में डॉक्टर और नर्स ने मिलकर प्रसूता को बुरी तरह पीटा

  • कागज का बहाना बताकर प्रसूता को भर्ती करने से किया मना

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
2लखनऊ। सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की संवेदनहीनता के एक और नजारा सामने आया है। राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल में डॉक्टरों तथा नर्स ने मिलकर एक प्रसूता की पिटाई कर दी है। पिटाई से चोटिल प्रसूता चिल्लाते हुए लेबररूम से बाहर निकली । तब कहीं जाकर उसकी जान बच सकी।
निशा अंसारी (काल्पनिक नाम) को रात करीब तीन बजे परिजन एंबुलेंस से प्रसूता को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद लेकर आरएलबी अस्पताल पहुंचे थे। जहां पर मौजूद डॉ. शशि वर्मा और मंजू उपाध्याय सहित अन्य स्टाफ नर्स गहरी नींद में सो रही थी। परिजनों ने पहले डॉक्टरों को बुलाया, लेकिन किसी ने नहीं सुना। जगने के बाद डॉक्टरों ने पीडि़त महिला व उसके पति से कागज न होने की बात कहकर भर्ती करने से मना कर दिया। इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती चली जा रही थी। इसके बाद पति ने डॉक्टरों से विनती करते हुए कहा कि वह घर से इलाज संबंधी कागज लेकर आ रहा है, तब तक महिला को भर्ती कर लिया जाय। लेकिन डॉक्टरों ने भर्ती करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद गर्भवती महिला के पति ने सीएमएस डॉ. आरके चौधरी को फोन कर दिया। सीएमएस ने जब फोन कर महिला डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई तो उससे महिला डॉक्टर और कर्मचारी गुस्सा गई। डॉक्टर और कर्मचारी गर्भवती को केबिन में ले जाकर जमकर उसकी पीटाई कर दी। गर्भवती की आवाज सुनकर पति केबिन में पहुंच गया। पत्नी को डॉक्टरों और कर्मचारियों के चंगुल से छुड़ाया। काफी हो हंगामा होने के बाद पति गर्भवती महिला का लेकर दूसरे अस्पताल चला गया। जहां पर गर्भवती महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया। वहीं जब इस मामले की जानकारी के लिए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को फोन किया गया तो उन्होंने फोन काट दिया।

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