आरएलबी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड को लेकर हुआ विवाद

तीमारदार व कर्मचारी भिड़े, काफी देर तक ठप रहा अस्पताल का काम

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजाजीपुरम स्थित रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय में इमरजेंसी वार्ड में कल तमीरदार और अस्पताल के कमचारियोंं में विवाद हो गया। भर्ती मरीज का अल्ट्रासाउंड जल्द कराने को लेकर यह विवाद हुआ। तीमारदार और कर्मचारियों की लड़ाई में काफी देर अस्पताल का काम ठप रहा और परिसर में हंगामा चलता रहा।
रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय में मवईया स्थित रेलवे लोको कॉलोनी की रहने वाली वंदना इमरजेंसी वार्ड में भर्ती थी। वंदना पेट दर्द से कराह रही थी। तीमारदार अस्पताल परिसर में डॉक्टर के लिए इधर-उधर भटक रहे थे, लेकिन उसे देखने के लिए कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। डॉक्टर न मिलने पर मरीज के भाई पवन भट्ट ने स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम पर फोन पर शिकायत की। शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और वंदना को देखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र चौधरी पहुंच गए, लेकिन महिला मरीज होने के कारण महिला डॉक्टर को बुलाकर परीक्षण कराया और महिला डॉक्टर ने मरीज का अल्ट्रासाउण्ड कराने के लिए भेज दिया। जहां अल्ट्रासाउंड हो रहा था वहां पहले से काफी मरीज लाइन में लगे थे। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण तीमारदार जल्दी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए टेक्नीशियन से कहा , जस पर तीमारदार व कर्मचारियों में नोक-झोंक होने लगी। नोक-झोक इतनी बढ़ गई कि कर्मचारी काम बंद कर बाहर निकल आए, जिससे करीब एक घंटे तक अस्पताल में हंगामा चलता रहा और सभी जांचें भी बंद हो गई। वहीं सीएमएस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इस संबंध में तीमारदार पवन भट्ट ने बताया कि डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा था अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गए थे जहां काफी लंबी लाइन लगी हुई थी और वहां एक बुजुर्ग महिला खड़ी थी जिससे महिला कर्मचारी सरिता ने अभद्रता की। इसका मैने विरोध किया तो कर्मचारी मुझसे उलझ गए। वहां मौजूद अन्य कर्मचारी भी आ गए और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इतना ही नहीं उन लोगों ने काम छोडक़र हड़ताल पर जाने की धमकी भी देने लगे। वहीं एक्सरे टेक्नीशियन आर के अस्थाना ने बताया कि मरीज के तीमारदार पहले अल्ट्रासाउंड कराने की जिद पर अड़े हुए थे और नंबर से अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही गई तो तीमारदार मारपीट पर अमादा हो गए।

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