आपके टेलीविजन पर कभी भी बंद हो सकता है डीटीएच का प्रसारण

शहरी क्षेत्र के आधा दर्जन इलाकों में मंडरा रहा प्रसारण बंद होने का खतरा

Captureमनोरंजन कर विभाग ने केबिल आपरेटरों को भेजा नोटिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में केबल ऑपरेटरों की मनमानी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ सकता है। मनोरंजन कर विभाग ने शहरी क्षेत्र के आधा दर्जन इलाकों में मनोरंजन कर जमा नहीं करने वाले एमएसओ और उसके बाद केबल आपरेटरों को 31 जनवरी तक बकाया कर जमा करने का नोटिस दिया है। समय से कर न जमा करने पर केबल का प्रसारण बंद करने की चेतावनी भी दी है।
जिले में केबल उपभोक्ताओं की संख्या 5 लाख से अधिक है। इन उपभोक्ताओं को डेन और नेट विजन कंपनी के अलावा अन्य कई डीटीएच कंपनियों की तरफ से मनोरंजन सेवा प्रदान की जाती है, जिसमें डेन कंपनी अपने उपभोक्ताओं से 200 रुपये मासिक और नेट विजन 150 रुपये मासिक शुल्क वसूलती है। डीटीएच कंपनियां रिचार्ज सिस्टम से मनोरंजन सुविधा उपलब्ध कराती हैं। बताया जा रहा है कि केबल ऑपरेटर्स शहरी क्षेत्र में मासिक शुल्क वसूली के दौरान उपभोक्ताओं को रसीद भी नहीं देते हैं। जो क्षेत्र में केबिल उपभोक्ताओं की संख्या छिपाने और मनोरंजन कर विभाग को टैक्स अदा करने से बचाने में सहायक साबित होता है। इसके अलावा केबल ऑपरेटर्स अपनी मर्जी और सुविधा के अनुसार मनोरंजन कर जमा करते हैं। जबकि मनोरंजन कर विभाग को केबल उपभोक्ताओं से वसूले जाने वाले कर पर 25 प्रतिशत मनोरंजन कर वसूलने का काम समय पर करना होता है। मनोरंजन कर विभाग के अधिकारी अपनी त्रैमासिक रिपोर्ट में मनोरंजन कर की वसूली का लक्ष्य पूरा करने की कोशिश करते हैं लेकिन एमएसओ और केबल ऑपरेटर्स की मनमानी के कारण अपेक्षित कर जमा नहीं हो पाता है। इसलिए मनोरंजन कर विभाग के अधिकारियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर एमएसओ और केबल ऑपरेटर्स की मनमानी की शिकायत की है, जिसे गंभीरता से लेकर प्रशासन ने सभी केबल ऑपरेटर्स को दो महीने के अंदर सारा बकाया कर जमा करने का नोटिस दिया है। इसके साथ ही तय समय पर कर जमा नहीं करने वाले केबल ऑपरेटर्स का प्रसारण बंद करवाने की चेतावनी भी दी है।

इन क्षेत्रों का प्रसारण हो सकता है प्रभावित
जिले के शहरी क्षेत्र में तय समय पर मनोरंजन कर जमा नहीं होने से आधा दर्जन क्षेत्रों का प्रसारण बंद हो जायेगा। इसमें आलमबाग, महानगर, इंदिरानगर, गोमतीनगर इलाकों में केबल प्रसारण प्रभावित होने की आशंका है। इससे पहले भी वर्ष 2015 में दिसंबर माह में जिला प्रशासन की तरफ से सभी डिफाल्टर केबल आपरेटरों को नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद समय के कर जमा नहीं हुआ। अब एक बार फि र से सभी डिफ ाल्टर केबल आपरेटरों को 31 जनवरी तक हर हालत में बकाया जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया है। जबकि प्रशासन ने अपनी तरफ से एक महीने की अवधि और बढ़ा दी है। इसलिए जिन केबल आपरेटर्स पर अधिक कर बकाया है, उन्हें दो बार में रकम जमा करने की छूट दी गई है। इसके साथ ही बची हुई धनराशि दो से तीन महीने के अंदर किश्तों में जमा करने को कहा गया है।
मनोरंजन कर उपायुक्त सीपी सिंह ने बताया कि आकड़ों पर गौर करें, तो इस समय प्रति केबल आपरेटर करीब पांच से आठ लाख रुपए का मनोरंजन कर बकाया है। उपभोक्ताओं से केबल संचालक हर महीने पूरा शुल्क वसूलते हैं लेकिन उनके हिस्से का टैक्स जमा नहीं करते हैं। इसी वजह से कई केबल आपरेटर्स पर पिछले वित्तीय वर्षों का मनोरंजन कर भी बकाया है, जिसको जमा करवाने को लेकर प्रशासन को कड़ा फैसला लेना पड़ रहा है। जिन लोगों ने मनोरंजन कर समय से जमा नहीं किया है और नोटिस मिलने के बाद भी मनोरंजन कर जमा नहीं कर रहे हैं, उनको डिफ ाल्टर की सूची में डाल दिया गया है।

एमएसओ ने खोली केबल आपरेटर्स की पोल
जिले में मनोरंजन सेवा प्रदान करने वाली छह कंपनियां हैं। इन कंपनियों के मल्टी सर्विस ऑपरेटर यानी एमएसओ को तय समय पर केबल आपरेटर शुल्क जमा नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से एमएसओ की तरफ से मनोरंजन कर विभाग को मनोरंजन कर अदा करने में समस्या आ रही है। इस बात की शिकायत एमएसओ के रीजनल मैनेजर ने मनोरंजन कर विभाग के उपायुक्त से की है। एमएसओ ने मनोरंजन कर विभाग से बकाया कर जमा करने में विलंब होने पर मिले अंतिम नोटिस के बाद ये शिकायत की है। इसके साथ ही एमएसओ ने केबल आपरेटर्स का प्रसारण बंद करने की धमकी भी दी है।, जिसको गंभीरता से लेकर मनोरंजन कर विभाग और प्रशासन ने केबल आपरेटर्स को समय से मनोरंजन कर का भुगतान न करने पर प्रसारण बंद करने का नोटिस दिया है। यदि इसके बाद भी अगर टैक्स जमा नहीं कराया गया तो आरसी काट दी जायेगी।

किसी भी डिफाल्टर केबल ऑपरेटर को कोई रियायत नहीं दी जाएगी। हर हाल में बकाया कर का एक तिहाई बकायेदारों को जमा करना ही पड़ेगा। जिन केबल ऑपरेटर्स पर अधिक मनोरंजन कर बकाया है, उन्हें पहली किस्त तय समय में जमा करने के बाद अगले दो महीनों में बकाया किस्तों को जमा करने की छूट अवश्य दी गई है।
-अशोक कुमार, एडीएम टीजी

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