आधे समय की ओपीडी से मरीज हुए बेहाल

अस्पताल पहुंचे मरीजों को छुट्ïटी की नहीं थी जानकारी, गंभीर मरीजों की नहीं हो पायी जाचें

अस्पतालकर्मियों व मरीजों में हुई नोक-झोंक, समय से पहले ही बंद हो गये सभी काउंटर

4Captureपीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में कल सरकारी छुट्ïटी होने के चलते अस्पतालों में ओपीडी आधे टाइम तक ही चली। जिस कारण मरीजों को इलाज में समस्या का सामना करना पड़ा। इलाज के लिए आये मरीजों को छुट्ïटी की जानकारी न होने के कारण अस्पताल कर्मियों से नोंकझोंक भी हुयी। अस्पतालों के पर्चे काउन्टर पर 11 बजे से पहले ही बनने बंद हो गये। वहीं ओपीडी में मरीजों की भारी संख्या को देखते हुए चिकित्सकों को एक बजे तक मरीजों को देखना पड़ा। कुछ अस्पतालों में दवा काउन्टर भी समय से पहले बंद हो गये। जिससे मरीजों को दवा नही मिली। बाद में अस्पताल प्रशासन के हस्ताक्षेप के बाद मुख्य औषधि वितरण केन्द्र से मरीजों को दवा मिल पायी।
लोहिया अस्पताल में11 बजे पर्चा काउन्टर बंद हो गया। जिसके बाद मुंशी पुलिया के सेक्टर 14 निवासी हरिकेष पाण्डेय अपना इलाज कराने लोहिया अस्पताल पंहुचे। तो उनका पर्चा नही बन पाया। इस पर उनकी नोकझोंक भी हुयी। बिना पर्चे के ही वो कमरा नम्बर एक में बैठे चिकित्सक को दिखाने पंहुच गये। वहीं रोजाना 11 बजे तक दिये जाने वाले पैथालॉजी जांच व अल्ट्रासाउण्ड जांच के टोकन भी समय से पहले ही बंद कर दिये गये। जिसके बाद मरीजों को बिना जांच के ही वापस लौटना पड़ा। ये आलम तब है जब अल्ट्रासाउण्ड जांच के लिए वेटिंग चल रही है। मरीजों को जांच के लिए दो दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं सिविल अस्पताल में 12 बजे से पहले ही दवा काउन्टर बंद कर दिये गये जिससे मरीजों को दवा लेने के लिए चिकित्सा अधीक्षक के पास जाना पड़ा। जिसके बाद मरीजों को मुख्य औषधि वितरण केन्द्र से दवा मिल पायी। साथ ही महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल में भी 11 बजे पर्चा काउन्टर पर पर्चा बनना बंद हो गया। जिससे यहां अस्पताल में इलाज के लिए पंहुचे मरीज सीधे चिकित्सा अधीक्षक के कमरे मे शिकायत लेकर पहुंच गये। उसके बाद दोबारा से पर्चा काउन्टर खुला और मरीजों का पर्चा बना। जिससे ओपीडी में 12 बजे के बाद भी मरीजों का इलाज हुआ।
बच्चों को नहीं लग पाये टीके

अस्पतालों में इलाज के लिए पंहुचे ज्यादातर मरीजों को कल हुयी छुट्ïटी की जानकारी न होने के चलते समस्या का सामना करना पड़ा। ज्यादातर अस्पतालों में बुधवार व शनिवार को बच्चों के टीकाकरण का दिन होता है। इसके चलते लोग अस्पतालों में अपने बच्चों का टीकाकरण कराने पहुंचे। छुट्ïटी होने के चलते कई लोग बिना टीकाकरण ही वापस हो गये। महानगर स्थित नगरीय चिकित्सा केन्द्र से भी लोगों को बिना टीकाकरण के ही मायूस होकर लौटना पड़ा।

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