आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एशिया का सबसे बड़ा जनेश्वर मिश्र पार्क

पार्क में बनेगा 12 किचेन वाला फूड कोर्ट

capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एशिया का सबसे बड़ा पार्क जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। पार्क में लोगों की बढ़ती भीड़ पार्क की महत्ता को दिखा रही है। यहां शहर से ही नहीं बल्कि बाहर से भी सैकड़ों लोगों आते हैं। लिहाजा लखनऊ विकास प्राधिकरण ने पार्क में आने वाले लोगों के लिए सुविधाओं को और अधिक बेहतर करने का मन बना लिया है। जनेश्वर मिश्र पार्क में 2840.18 लाख की लागत से 12 किचेन वाला फूड कोर्ट और 14 फूड क्यास्क बनाया जायेगा। इससे 376 एकड़ में बने एशिया के सबसे बड़े पार्क में लोगों को खाने-पीने की बेहतर चीजें भी उपलब्ध होंगी।
जनेश्वर मिश्र पार्क का निर्माण 327 करोड़ की लागत से किया गया है। इसके बावजूद पार्क में कई जनसुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसकी वजह से पार्क में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनसुविधाओं में सबसे महत्वपूर्ण खान-पान तथा टॉयलेट की व्यवस्था है। हालांकि खाने पीने के लिए पांच मोबाइल वैन उपलब्ध कराई गई हैं। लेकिन इतने बड़े पार्क के लिए यह नाकाफी है। ऐसे में यहां पर फूड कोर्ट की स्थापना के लिए निर्देश दिए गए थे। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है।

पार्किंग तक का इंतजाम नहीं
जनेश्वर मिश्र पार्क में स्थाई पार्किंग का इंतजाम नहीं है। मुख्य सडक़ व ओवर ब्रिज पर गाडिय़ां पार्क की जा रही है। पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं दी गई है। अंतरराष्टï्रीय स्तर के इस पार्क की लोकप्रियता लगातार बढऩे के कारण खास मौकों पर लाखों लोग पहुंचते हैं। इससे पार्क की सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग संभालना मौजूदा कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो रहा है। वहीं शासन ने अभी तक पार्क के संचालन व रखरखाव को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। इसी के साथ ही यहां गाडिय़ां खड़ी करना भी बड़ी समस्या बन गया है। हालांकि गेट नंबर दो पर बन रहा विक्टोरियन स्ट्रीट गेट भी महीनों से निर्माणाधीन है, पर इसकी रफ्तार कब अंजाम तक पहुंचेगी यह किसी को नहीं पता है। हालांकि अधिशासी अभियंता अवधेश तिवारी बताते हैं कि गेट का निर्माण शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। वहीं, यहां पर आने वाले अपेक्षित पर्यटकों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यहां पब्लिक टॉयलेट न होने से लोगों को असुविधा हो रही है। वहीं शौचालय बने हैं, उनमें ताला बंद कर दिया गया है।

तीन फेज में होगा पार्क का विकास
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने फूड कोर्ट की आवश्यकता को देखते हुए यहां पर बड़े स्तर का फूड कोर्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। एलडीए के अधिशासी अभियंता व पार्क प्रभारी अवधेश तिवारी ने बताया कि जल्द ही काम शुरू होगा। 376 एकड़ में फैले जनेश्वर मिश्र पार्क को तीन फेज में विकसित किया गया है। एलडीए के अनुसार पार्क में आने वाले भ्रमणार्थियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आम दिनों में यह संख्या 8000 से 10,000 तक होती है जबकि अवकाश के दिनों में यहां लाखों की संख्या में भीड़ पहुंच जाती है। ऐसे में लोगों को खान-पान संबंधी बेहतर सुविधाएं न मिलने से निराशा हो रही है। वहीं, मुख्य प्रवेश द्वार को और अधिक भव्यता प्रदान करने का काम मंद गति से चल रहा है। यहां पाथ-वे व साइकिल ट्रैक पर म्यूजिकल सिस्टम और पीए सिस्टम भी स्थापित किया जाना है। इसके अलावा वाटर बाड़ी में प्रोजेक्टर के साथ वाटर कर्टेन और फाग जोन की स्थापना की जानी है। स्पोट्र्स काम्पलेक्स के अंतर्गत फुटबाल, बालीवाल, हाकी, क्रिकेट, बास्केटबाल, बैडमिंटन, टेनिस, खो-खो, कबड्ïडी, रेसलिंग व ट्रैक एंड फील्ड का विकास होना है। पार्क के अंतर्गत स्थापित दो किड्स प्ले एरिया का निर्माण 2 करोड़ की लागत से होना है। ओपेन जिम एरिया के क्षेत्र में टॉयलेट ब्लाक नहीं बना है। इसके साथ ही फूड कोर्ट, कहानी घर, मेप माडल, दो मेगावाट का सोलर फार्म, प्ले एक्यूपमेंट्स बूमरंग, मल्टी शीटर साइकिल, साउंड एवं पीएस सिस्टम, साइकिल म्यूजियम, साइकिल रिंक, टू इन वन वाटर स्क्रीन एवं वाटर कैनन, प्रोजेक्ट सॉफ्टवेयर, फॉग जोन व सोलर पावर प्लांट की स्थापना नहीं हुई है।

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