आतिशबाजी लाइसेंस धारक नहीं रखते लेखा जोखा

जिले में धड़ल्ले से चल रहा अवैध रूप से पटाखा बनाने और बेचने का काम

 4Captureपीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में अवैध रूप से पटाखा बनाने और बेचने का धंधा चल रहा है। प्रशासन के पास मौजूद आतिशबाजी लाइसेंस धारकों की संख्या से अधिक दुकानों पर पटाखा बनाया और बेचा जा रहा है। इनके बारे में क्षेत्रीय थाना प्रभारियों को भी जानकारी है, लेकिन पटाखा व्यवसाय में लगे लोगों से होने वाले लाभ की वजह से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इस कारण पटाखा फैक्ट्री और दुकानों में विस्फोट होने और उसमें लोगों की जान जाने की वारदातें होती रहती हैं। ये अलग बात है कि उन्ही वारदातों की वजह से कुछ दिनों तक प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सतर्क रहते हैं, इसके बाद सुस्त हो जाते हैं।
मोहनलालगंज के सिसेंडी गांव में चल रही पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट की घटना में मरने वाले लोगों और उनके परिजनों के जख्म अभी भी ताजा हैं। जिन घरों में रहने वाले लोगों ने विस्फोट में अपनों को खोया है, उनकी आंखों में आज भी पटाखे के नाम से दहशत फैल जाती है लेकिन पापी पेट की खातिर बारूद के व्यवसाय में लगे हैं। दरअसल मोहनलालगंज क्षेत्र में लाइसेंसधारकों की संख्या से अधिक लोग पटाखा बनाने का व्यवसाय कर रहे हैं। इसकी जानकारी क्षेत्रीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को बखूबी है। इसके बावजूद अवैध कारखानों और दुकानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। इसी प्रकार नगराम, मलिहाबाद, बीकेटी, चिनहट, माल, वजीरगंज और गोसाईंगंज में भी धड़ल्ले से पटाखा की अवैध दुकानें चल रही हैं। इसमें कई दुकानें आबादी क्षेत्र में चल रही हैं, जिनमें विस्फोट होने पर बड़ी संख्या में जनहानि हो सकती है। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौन हैं। गौरतलब हो कि पारा थाना क्षेत्र में तीन दिन पूर्व जुम्मन के मकान में विस्फोट हो गया। इसमें परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। विस्फोट का कारण मकान में भारी संख्या में मौजूद विस्फोटक और आतिशबाजी का सामान था। इस एक घटना ने पटाखा फैक्ट्रियों और दुकानों के खिलाफ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से चलाये जाने वाले अभियान और कार्रवाई की पोल खोल कर रख दी। रिहायशी इलाके में खुले आम विस्फोटक और पटाखा बेचने का धंधा कैसे चल रहा था ? अग्निशमन विभाग और क्षेत्रीय पुलिस की टीम से नो ड्यूज सर्टिफिकेट दिया गया था या नहीं ? यदि नहीं दिया गया था तो पटाखा बनाने और बेचने का धंधा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इस तरह के सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। इसी वजह से नगर मैजिस्ट्रेट शत्रोहन वैश्य ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी और थाना प्रभारी पारा को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने भी 20 आतिशबाजी लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।

20 आतिशबाजी दुकानों के लाइसेंस निरस्त
जिलाधिकारी के मुताबिक जिले में कुल 20 दुकानों का अतिशबाजी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इसमें मोहनलालगंज के मोहम्मह सिराज, मो. बचान, अजमतुन्निशां, मो. हुसैन, माल क्षेत्र के रसीद अहमद, मो. सलीम, मो. शकूर, मो. हनीफ और नगराम क्षेत्र के मो. शफी, मो. नसीम का आतिशबाजी लाइसेंस निरस्त किया गया है। इसी प्रकार चिनहट क्षेत्र के सईद अहमद, अब्दुल गनी, अब्दुल शकूर सिद्दीकी, लिशाद हुसैन, मो. ताहिर और मलिहाबाद क्षेत्र के मशकूर, बीकेटी क्षेत्र की शाहिनाका आतिशबाजी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा नगराम क्षेत्र में मो. शफी, वजीरगंज क्षेत्र में मो. सिद्दीकी की आतिशबाजी की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इनमें नौ दुकानदारों का आतिशबाजी लाइसेंस स्टाक रजिस्टर पूर्ण न होने के कारण, चार का मृत्यु होने के कारण, चार का नवीनीकरण नहीं होने के कारण, दो का आबादी में होने के कारण और एक का समर्पण करने के कारण लाइसेंस निरस्त किया गया है।ष्

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