आखिर रह-रहकर क्यों याद आता है राम मंदिर…

विनय कटियार जी आपकी पार्टी के नेता यह क्यों नहीं समझते कि अब लोग इतने मूर्ख नहीं बनते। अगर पूंजीपतियों के लिये भूमि अधिग्रहण को लेकर अध्यादेश लाया जा सकता है तो फिर राम मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश क्यों नहीं आ सकता।

sanjay sharma editor5विनय कटियार जी ने बड़े जोर-शोर से कहा कि राम मंदिर का निर्माण होकर रहेगा। हम पिछले बीस सालों से यही सुनते आये हैं कि भाजपा और संघ के लोग मौका मिलते ही यह ऐलान बड़े जोर-शोर से करते हैं कि राम मंदिर निर्माण हर हाल में किया जायेगा। यह ऐलान तभी होता है जब चुनाव पास आ रहे होते हैं या फिर संबंधित नेता की दुकान चलनी बंद हो जाती है। विनय कटियार जी का आज कल राजनीतिक ग्राफ ठीक नहीं चल रहा। लिहाजा एक बार फिर उन्हें राम मंदिर याद आ गया। मगर अच्छा है कि देश के लोग अब यह बात भलीभांति समझ गये हैं कि ऐसी बातें क्यों की जाती हैं। लोग अब ऐसी बातों के चक्कर में पड़ते भी नहीं हैं।
दरअसल कुछ समय पहले का नजारा लोग भूल नहीं पाते। तब गली-गली में नारे लगते थे कि ‘राम लला हम आयेंगे मंदिर वहीं बनायेंगे’। कुछ मिनटों में ही दूसरी तरफ से आवाज आती थी कि ‘सौगंध राम की खाते हैं, मंदिर वहीं बनायेंगे’। लोगों को लगता था कि यह वास्तव में राम भक्त हैं जो राम मंदिर बनाने के लिये अपना सर्वस्व अर्पण करने को तैयार हैं। अंधभक्ति में लोग ऐसी बातों पर भरोसा भी करने लगे थे।
कुछ ही दिनों में एनडीए की सरकार भी बन गयी और नारा लगाने वाले लोग भूल गये कि उन्होंने राम मंदिर बनवाने की सौगंध खायी थी। इस बार फिर भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में राम मंदिर निर्माण का जिक्र तो किया मगर जब सत्ता एक बार फिर मिल गई तो पुराना रटा रटाया जवाब दिया जाने लगा कि राज्यसभा में बहुमत नहीं है।
विनय कटियार जी आपकी पार्टी के नेता यह क्यों नहीं समझते कि अब लोग इतने मूर्ख नहीं बनते। अगर पूंजीपतियों के लिये भूमि अधिग्रहण को लेकर अध्यादेश लाया जा सकता है तो फिर राम मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश क्यों नहीं आ सकता। अगर राम मंदिर निर्माण नहीं करना है तो फिर रह-रहकर भाजपा के नेता ऐसा बेसुरा बयान क्यों देते हैं।
अच्छा हो कटियार जी आप अपनी पार्टी के आला नेताओं से साफ-साफ बात कर लीजिये। अगर उनका मन नहीं हो तो फिर राम मंदिर पर यह रटा रटाया बयान देना बंद कीजिये और अगर फिर भी राम मंदिर बनवाने का मन है तो पार्टी को अलविदा कीजिये और फिर आंदोलन शुरू कीजिये… मैं जानता हूं आप ऐसा कुछ नहीं करने वाले।

Pin It