आखिर गायत्री ने करा ही दी फजीहत, कोर्ट ने खनन के मामले को लेकर दिये सीबीआई जांच के आदेश

4पीएम पहले ही छाप चुका है गायत्री के काले कारनामों की खबरें

  • गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले गायत्री के करोड़पति बनने की गाथा रही है सुर्खियों में 
  • कई बार अपने कारनामों से करा चुके हैं सरकार की फजीहत
  • पूरे प्रदेश में अवैध खनन के कारनामों ने किया सरकार को बदनाम
  • अवैध खनन के चलते प्रदेश में दर्जनों लोगों की कर दी गई हत्या
  • लखनऊ के गोमतीनगर तक में कराया गया अवैध खनन, 4पीएम की मुहिम के बाद मुश्किल से रुका ये खनन
  • सरकार के सबसे बदनाम मंत्री रहे हैं गायत्री प्रजापति

संजय शर्मा
11लखनऊ। जिस बात का दावा हम कर रहे थे, कल हाईकोर्ट ने भी हमारी खबरों पर मुहर लगा दी। हाईकोर्ट ने प्रदेश में हो रहे अवैध खनन पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुये इसकी सीबीआई जांच के आदेश कर दिये। चुनाव से ठीक पहले हाईकोर्ट के इस आदेश से राजनीतिक गलियारों में हडक़ंप मच गया। सभी मान रहे हैं कि अगर सीबीआई ने अपनी जांच सही तरीके से कर दी तो गायत्री का जेल जाना तय है। सपा के भी कुछ नेता चाहते हैं कि सीएम को गायत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए, जिससे पार्टी पर लग रहे बदनामी के दागों को धोया जा सके। 4पीएम ने लगातार गायत्री के कारनामें छापे थे जिससे बौखलाये गायत्री के गुर्गों ने 4पीएम के हॉकर पर हमला भी कर दिया था।
पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी गायत्री प्रजापति पर निशाना साधा था। तभी सबको समझ आ गया था कि आगामी विधानसभा चुनावों में गायत्री प्रजापति एक बड़ा मुद्दा बनेंगे। कल हाईकोर्ट के फैसले ने भाजपा की राह और आसान कर दी।
दरअसल गायत्री प्रजापति ने पैसा कमाने के चक्कर में अपनी हदें तोड़ दीं। मामूली प्रापर्टी डीलिंग का काम कर रहे गायत्री रातों-रात करोड़ों के मालिक बन गये। गायत्री के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायतें हुईं और नूतन ठाकुर की शिकायत राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बन गई।
सूत्रों का कहना है कि सीएम अखिलेश यादव कुछ महीने पहले गायत्री की अपने मंत्रिमंडल से छुट्ïटी करना चाहते थे मगर सपा के कुछ बड़े नेताओं ने गायत्री के पक्ष में जमकर पैरवी की और गायत्री की कुर्सी बच गई।
खनन विभाग के प्रमुख सचिव गुरदीप सिंह भी अवैध खनन को लेकर खासे बदनाम हो गये हैं। कल उन्होंने हाईकोर्ट में जो शपथपत्र दिया उसने हाईकोर्ट के जजों को और नाराज कर दिया। नतीजा अवैध खनन की सीबीआई जांच के रूप में सामने आया। गायत्री अब दबाव बना रहे हैं कि सरकार इस जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करे।

हम कई वर्षों से जिस मांग को लगातार कर रहे थे और कह रहे थे कि गायत्री ने भ्रष्टïाचार की सभी हदें लांघ दी हैं, आज हमारी बात पर माननीय उच्च न्यायालय ने भी मुहर लगा दी। अच्छा हो कि पिछले 15 साल के अवैध खनन की पूरी जांच करा ली जाये, जिससे पता चल जायेगा कि 15 सालों में सरकारों ने अवैध खनन से करोड़ों रुपये कमाये हैं।
आईपी सिंह, प्रवक्ता, भाजपा

गायत्री प्रजापति 2012 से लगातार विवादित रहे हैं। उनके परिवार का मामला रहा हो या खनन विभाग का मामला, दोनों में उन पर गंभीर आरोप लगे हैं। कोर्ट ने भी इस बात को मान लिया है। इसलिए ऐसे भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार को नैतिक आधार पर गायत्री प्रजापति को बर्खास्त कर देना चाहिए।
अशोक सिंह, प्रवक्ता, कांग्रेस

अवैध खनन सरकार के संरक्षण में ही हो रहा है। इसी वजह से अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमकी देकर या तो चुप करा दिया जाता है या फिर उनकी हत्या कर दी जाती है। इसी वजह से कोर्ट ने भी अवैध खनन की सीबीआई जांच कराने का आदेश दिया है। ऐसे में तत्काल प्रभाव से खनन विभाग के मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए।
वैभव माहेश्वरी, प्रवक्ता, आप

पिछले चार सालों से लगातार अवैध खनन की इतनी शिकायतों के बावजूद न तो गायत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई और न ही अवैध खनन रोका गया। नतीजा, हाईकोर्ट के आदेश के रूप में सामने आया। जिस प्रकार बसपा के लिए एनआरएचएम घोटाला सामने आया था कहीं ऐसा न हो कि इस सरकार के लिए खनन भी एनआरएचएम की तरह मुद्ïदा बन जाये।
शलभमणि त्रिपाठी, स्टेट हेड, आईबीएन7

Pin It