आखिर क्यों उड़ रहीं नियमों की धज्जियां…

Captureराजधानी की सडक़ों पर आये दिन हादसे होते रहते हैं। न जाने कितने लोग बेतरतीब दौड़ते वाहनों की चपेट में आकर रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं। मार्ग दुर्घनाओं में लोगों की मौत की खबर आना अब आम बात हो गई है। संबंधित विभाग के अधिकारी व जिम्मेदार भले ही सुचारु यातायात संचालन हेतु नये-नये नियम बनाने और कठोर कदम उठाने की बातें करते हैं लेकिन राजधानी की सडक़ों पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुये सरपट दौड़ते वाहन कहीं भी देखे जा सकते हैं। इनको न तो कोई रोकने वाला है और न ही कोई टोकने वाला। सबसे ज्यादा हादसों की वजह व्यावसायिक वाहन ही बनते हैं। चित्र में दिख रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोगों को इस तरह ठूंस कर भरा गया है कि अगर कोई हादसा हो जाये तो कई लोगों को जान जा सकती है। ट्रैक्टर-ट्रॉली के ठीक आगे जा रहे इन वर्दीधारी साहब को भी शायद इतनी फुर्सत नहीं थी कि इस ट्रैक्टर चालक को टोकने की जहमत कर सकें। पूरे शहर में ऐसे ही धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ाते हुये वाहन चालक आये दिन दुर्धटनाओं का कारण बनते हैं। चौराहे-चौराहे पर जांच के लिये पुलिसकर्मी तो खड़े रहते हैं लेकिन वह भी इन पर कार्रवाई करने की बजाय चंद पैसे लेकर उन्हें मनमानी करने की छूट दे देते हैं।

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