आईजी ने भी कहा कि डीजीपी को नहीं लिखना चाहिये था ऐसा खत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश के डीजीपी ए.के जैन द्वारा इलाहाबाद के एक गुंडे के पक्ष में खत लिखे जाने का मामला तूल पकड़ गया है। भाजपा ने इस मामले की तीखी आलोचना करते हुये कहा है कि जब प्रदेश के पुलिस के मुखिया ही गुण्डो के पक्ष में खत लिखेंगे तो न्याय की आशा किससे की जा सकती है। डीजीपी साहब के लिये खतरनाक बात यह है कि उनके मातहत आईजी अमिताभ ठाकुर ने भी डीजीपी को खत लिखकर कहा है कि आपका यह आदेश उचित नहीं है और इस आदेश को वापस लेना चाहिये। उधर डीजीपी ने द्मन्यूज़ चैनल के संवाददाता से कहा कि इस तरह की खबरों पर वह कोई प्रतिक्रिया देना नहीं चाहते। जिसके बाद इस न्यूज़ चैनल ने एक घंटे के कार्यक्रम में विस्तार से बताया कि डीजीपी ने किस तरह अपनी हद को पार करते हुये एक अपराधी के पक्ष में खत लिखा।
उल्लेखनीय है बीते दिवस सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई प्रमुख को इस बात के लिये फटकारा था कि उन्होंने उस व्यक्ति से मुलाकात की जिस व्यक्ति के खिलाफ जांच चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जांचकर्ता को किसी भी कीमत पर अपराधियों से इस तरह मुलाकात नहीं करनी चाहिये थी।
एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट इस मुलाकात पर ही सवाल खड़े कर रहा है वहीं दूसरी ओर प्रदेश के डीजीपी मिलने के अलावा अपराधियों की पैरवी में खत तक लिख डाल रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद में खुलेआम गोली मारने वाले अपराधी नितिन गोयल की पैरवी करते हुये वहां के अफसरों को खत लिख कर कहा था कि न तो इस अपराधी की तलाश में छापेमारी की जाये और न ही उसकी गिरफ्तारी की जाये। इस अपराधी के पक्ष में उन्होंने इलाहाबाद के एसएसपी को दो-दो खत लिखकर कहा था कि मामले की जांच किसी ईमानदार अफसर से कराई जाये।
उनके इस खत पर उनके ही विभाग के आईजी अमिताभ ठाकुर ने सवाल खड़े करते हुये उनसे अपने आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। श्री जैन को भेजे पत्र में आईजी श्री ठाकुर ने कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ पूर्व में चार्जशीट दाखिल हुई। जिसमें हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट से भी राहत नहीं मिली और पुलिस द्वारा उसके घर की कुर्की कर दी गई। उसमें स्वयं डीजीपी के स्तर पर इस अपराधी के पक्ष में इतना कड़ा और स्पष्टïत: एकपक्षीय आदेश करना आम लोगों की निगाह में गलत संदेश देता है। उन्होंने कहा कि डीजीपी का आदेश इतना अधिक निश्चियात्मक है कि इसके बाद विवेचक के लिये अपने स्तर पर कार्रवाई करने का स्कोप बहुत कम बचता है।
भाजपा प्रवक्ता डॉ. चंद्रमोहन ने कहा है कि इससे शर्मनाक घटना और क्या हो सकती है कि पुलिस का मुखिया खुद अपराधियों की पैरवी में इस हद तक जुट जाये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद कन्फ्यूज हैं इसीलिये नौकरशाही बेलगाम है। उन्होंने कहा कि हर हालत में इस तरह का आदेश करने वाले डीजीपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिये।
अब बजेगी सरकारी घंटी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सरकारी विज्ञापनों में राष्टï्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश के फोटो ही लगेंगे तो वहीं सूबे की समाजवादी सरकार ने जनता तक उपलब्धियों को पहुंचाने के लिए एक नया तरीका ढूंढ लिया है। यह है कॉलर ट्यून। यानी अब लोग सरकारी विज्ञापन को सुनकर बोर भी नहीं होंगे और सरकार की उपलब्धियां भी जनता तक बेहतर तरीके से पहुंच पाएंगी।
युवा सोच, युवा जोश, इसी थीम के जरिए प्रदेश सरकार ने युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का काम किया है और आधार बनाया है कॉलर ट्यून को। प्रदेश के सूचना विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है और प्रथम चरण में अपने विभाग के 100 सरकारी अधिकारियों के सीयूजी नम्बरों पर कॉलर ट्यून डाउनलोड कराई है। सरकार की कोशिश है इसके माध्यम से सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे 1090, लखनऊ मेट्रो, समाजवादी पेंशन योजना, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे जैसी कई योजनाओं को म्यूजिकल ट्यून के जरिए जनता तक आसानी से पहुंचाया जाये।
सूचना विभाग की यह कोशिश है कि वह सभी महत्वपूर्ण विभागों की कॉलर ट्यून बनवाये। इस कॉलर ट्यून के साथ ही वह विभागों की उपलब्धियां भी विशेष कॉलर ट्यून के जरिए जनता तक पहुंचाये। सूचना विभाग के निदेशक का कहना है कि पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग की कॉलर ट्यून बन रही हैं और विभागों की भी जल्द बन जाएंगी। इसको लेकर उन्होंने बीएसएनएल से टाई-अप भी किया है और सरकार की स्कीम का जनता से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। यदि कोई इस ट्ïयून को डाउनलोड करता है तो उसे इसके बदले कुछ चार्ज देना पड़ेगा। इस चार्ज से जो धनराशि इकट्ïठा होगी, टेलीकॉम कम्पनी उसमें से सरकार को भी शेयर देगी।
चूंकि प्रदेश में करीब 1 लाख सरकारी कर्मचारियों को सरकार ने सीयूजी नंबर दे रखे हैं जिन पर जनता फोन करती है। ऐसे में जब तक अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं तब तक सरकार के काम को लोग अच्छे से जान सकें। इसके साथ ही सरकार की उपलब्धियों को म्यूजिकल टच देने वाले विज्ञापन आजकल रेडियो एफएम पर भी सुनाई दे रहे हैं। सरकार चाहती है कि सरकारी विज्ञापन से जनता बोर न हो बल्कि इस विज्ञापन से वह अपना संदेश बखूबी पहुंचा सके।
सीएमओ घूस कांड की चौतरफा निंदा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बदायूं के मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा घटित घूस कांड की चौतरफा निंदा हो रही है। घूस कांड के बाबत अब क्या आम क्या खास सभी लोग अपने बयान दे रहे हैं। घूस कांड की गूंज लखनऊ में सुनाई दी। किसी ने सीएमओ का इस्तीफा मांगा तो किसी ने सीएमओ को जेल भेजने की वकालत की।
सरकार में उच्च पदों पर बैठे लोग ईमानदारी का सिर्फ चोला पहने हुए हैं। अगर ऐसा नहीं है तो फिर करप्ट सीएमओ को अभी तक हटाया क्यों नहीं गया है। क्यों अभी तक वह सीएमओ की कुर्सी पर चिपका बैठा है। यह हाल तब है जब सरकार के लिए एक जिम्मेदार व्यक्ति ने भ्रष्टïाचारी सीएमओ के चेहरे से नकाब हटाया है। इस प्रकरण से तो यही प्रतीत होता है कि ऊपर से नीचे तक लोग भ्रष्टïाचार में डूबे हुए हैं।
-लक्ष्मीकांत बाजपेई, अध्यक्ष बीजेपी

चोर चोर मौसेरे भाई, सत्ता की हनक के आगे किसी को न तो कुछ दिखायी दे रहा है और न ही सुनाई दे रहा है। अगर अब भी सीएमओ पर कार्रवाई नहीं की गयी तो इससे दुर्र्भाग्यूपर्ण कुछ और हो ही नहीं सकता। धन्य है ऐसी सरकार!
-योगी आदित्यनाथ
कोई भी भ्रष्टï अधिकारी है अगर उसके भ्रष्टïाचार की पोल खुली है तो उस पर कार्रवाई फौरन होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो इससे जनता के बीच मैसेज गलत जाता है और पूरा सिस्टम खराब होता है। आज लोगों में जागरूकता आयी है। लोग भ्रष्टïाचार के खिलाफ खुल कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। जब उनकी ही पार्टी के विधायक ने भ्रष्टïाचार के इस खेल की पोल खोली हो तो फिर जांच की बात करना बेमानी है। क्या हेल्थ मिनिस्टर को अपने ही विधायक पर भरोसा नहीं।
-रीता बहुगुणा जोशी, कांग्रेसी नेता
सपा सरकार पूरी तरह से भ्रष्टïाचार में डूब चुकी है, चाहे मंत्री हो या फिर संतरी कोई भी बिना रिश्वत काम करना जानता ही नहीं। हर विभाग में खुल कर घूसखोरी चल रही है और मुख्यमंत्री जी को कुछ दिखायी ही नहीं दे रहा। यह एक बड़ी घटना है इसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार को चाहिए कि वह घूसखोर सीएमओ को जेल भेजे।
-स्वामी प्रसाद मौर्या, नेता प्रतिपक्ष

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