अस्पताल में दवा न मिलने से दम तोड़ रहे मरीज: रविदास

  • परिवार कल्याण मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री ने अफसरों को लगाई फटकार
  • कहा, मरीजों को समय पर दवाइयां नहीं मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ । परिवार कल्याण मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने लचर स्वास्थ्य सेवाओं पर अफसरों की जमकर क्लास ली। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवा न मिलने के कारण मरीज दम तोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएंगी। गौरतलब है कि मंत्री डेंगू व अन्य बीमारियों से हो रही मौतों से चिंतित है और तत्काल मरीजों को दवा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए परिवार कल्याण मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि मरीजों को दवा उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बिजनौर में 3 करोड़ 11 लाख रुपये के फर्जी भुगतान मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी दिए। श्री मेहरोत्रा ने मातृत्व सप्ताह में प्रदेश की 100 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की जांच, दवायें तथा टीकाकरण सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरती गयी तो संबंधित अधिकारी भी नपेंगे। उन्होंने टुडिय़ागंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में रखी एक्सपायरी दवाएं हटाये जाने का भी आदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के कई जिलों में जरूरी दवायें उपलब्ध न हो पाने के चलते अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि एक ही कम्पनी से दवा खरीदने के कारण दवा की उपलब्धता में बाधा आती है। जिससे दवा के अभाव में मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ता है । हालात यहां तक पहुंच जाती है कि दवा के अभाव में मरीजों की मौैत तक हो जाती है।

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