अस्पतालों में हड़ताल से मरीज बेहाल

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उ.प्र. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद हड़ताल पर

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के दो घंटे के हड़ताल का असर आज सभी अस्पतालों में दिखा। लोहिया अस्पताल , बलरामपुर अस्पताल तथा सिविल अस्पताल में सुबह 8 बजे से ही मरीजों का इलाज के लिए तांता लगा रहा। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे। जांच काउन्टर से लेकर दवा काउन्टर तक मरीजों की लम्बी लाइन लगी हुयी थी। मरीज एक दूसरे से बस यही पूंछते नजर आ रहे थे कि हम लोगों को दवा कब मिलेगी। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर पैथालॉजी जांच काउन्टर पर दिखी। यहां काम पूरी तरह से ठप रहा। इसलिए बिना जांच के मरीज मायूस होकर लौट रहे थे।
इन्दिरानगर निवासी इमरान का कहना था कि एक तो 11 बजे तक ही पैथालॉजी जांच काउन्टर खुलता है। आज हड़ताल की वजह से वो भी बंद है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोशिएसन के लखनऊ उपाध्यक्ष एपी सिंह ने बताया कि आज हम लोग अस्पतालों में केवल दो घंटे की हड़ताल कर रहे हैं। यदि मांगें नहीं मानी गयीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि हमारी हड़ताल से किसी मरीज को कोई समस्या नही होगी। हम 10 बजे से काम शुरू कर देंगे, जिससे मरीजों को कोई समस्या न हो।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों के इलाज में कैशलेस सुविधा।
केन्द्र कर्मचारियों के समान किराया भत्ता।
निगमों में घाटे के जिम्मेदार कोई और वेतन कर्मचारियों का कटना बंद हो।
कर्मचारियों को मोटरसाइकिल भत्ता दिया जाये।
ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त की जाये।

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