अस्पतालों में उपकरणों की खरीद के नाम पर परिजनों से बंद होगी लूट

Captureसर्जरी के उपकरणों के नाम पर डॉक्टर करते थे मरीजों को शोषण
निजी फर्मों से उपकरण मंगाकर वसूलते थे मनमनानी रकम

 

 

 

 4Captureपीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अस्पतालों में सर्जरी के नाम पर सामान की आड़ में डॉक्टरों द्वारा मरीजों से मनमानी रकम वसूली जाती थी क्योंकि सरकारी अस्पतालों में इन उपकरणों की सुविधा नहीं होती है। अब सरकार अस्पतालों में सर्जरी के उपकरणों की खरीद पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इसके लिए सर्जिकल एसेस्मेंट को लेकर सर्जिकल उपकरण सप्लाई करने वाली कंपनियों के साथ बातचीत चल रही है। प्रदेश में जल्द ही इस योजना का एलान सूबे के सीएम अखिलेश यादव द्वारा किया जाएगा।
मालूम हो कि 4पीएम ने अपने 4 जून के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर को संज्ञान में लेते हुए विभाग ने ऐसा फैसला लिया है। सरकारी अस्पतालों में ऑर्थो और सर्जरी में ऑपरेशन के नाम पर सामान मंगाने की एवज में डॉक्टरों द्वारा मरीजों के परिजनों से मनमानी रकम वसूली जाती है। इसको लेकर सरकार की छवि धूमिल होती रहती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब इस संबंध में अस्पतालों में जांच कराई गई तब डॉक्टरों ने अस्पताल में सामान न उपलब्ध होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद विभाग की तरफ से जिला चिकित्सालयों सहित अन्य अस्पतालों को सर्जिकल उपकरण मुहैया कराने की तैयारी चल रही है। इस बारे में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने बताया कि सर्जिकल सामान उपलब्ध कराने वाली कई कंपनियों से बातचीत चल रही है, जल्द ही आरसी कर इसको लागू कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि सर्जिकल कंपनियों से आरसी फ ाइनल होने के बाद सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। इस स्कीम के शुरुआत होने की घोषणा आने वाले दिनों में प्रदेश के सीएम की तरफ से की जाएगी। इसके आलावा सर्जरी के लिए सामान उपलब्ध कराए जाने के बावजूद यदि कहीं से भी कोई शिकायत विभाग को मिलती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही अस्पताल के सीएमएस की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

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