अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुईं यूपी बोर्ड की परीक्षाएं

कक्ष निरीक्षकों के सिम हुए इनवैलिड, परीक्षा केन्द्रों पर दिखी भारी अनियमितता नकल माफिया हुए सक्रिय

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। आज से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। परीक्षा के पहले दिन ही केंद्रों पर अव्यवस्था का आलम साफ दिखाई दिया। परीक्षा केंद्रों पर शिक्षा विभाग के बड़े-बड़े दावों की पोल खुलती दिखी। इसमें परीक्षा में नकल माफियाओं पर नकेल और सुविधाओं के इंतजाम की बात कही गई थी। परीक्षा कक्ष निरीक्षकों को विभाग की तरफ से दिए गए सिम भी अवैध बताते रहे। इंटरनेट से शिक्षकों की हाजिरी भी ढंग से नहीं हो पायी। यह उनके सिम कार्ड के अवैध होने से हुआ।
राजधानी में यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के परीक्षाओं के लिए 151 केंद्र बने हैं। हाईस्कूल की परीक्षा देने वाले छात्रों की कुल संख्या 60223 है जिसमें 30894 छात्र और 29329 छात्राएं हैं। वहीं इंटरमिडिएट में कुल 47915 परीक्षार्थी शामिल हुए। इसमें 24329 छात्राएं और 23586 छात्र हैं। परीक्षा में पूरी तरह से बदइंतजामी का बोलबाला रहा। शहर के विद्यालयों में कोई सुरक्षा की व्यवस्था नहीं थी। वहीं शिक्षकों की कमी के कारण एक शिक्षक, दो कक्षाओं को संभालते दिखे।

दिए गये सिम इनवैलिड
परीक्षा से पहले डीएम की अध्यक्षता में एक बैठक कर सभी स्कूलों के शिक्षकों को सिमकार्ड दिया गया था। इसमें निर्देश दिए गए थे कि सिम नहीं लेने पर शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम के इस आदेश पर शिक्षकों ने सिम तो ले लिया पर उस सिम की असलियत परीक्षा के पहले ही दिन सामने आ गयी। शिक्षकों ने बताया कि सिम लगाने पर वह इनवैलिड की सूचना आ रही है। इससे छात्रों की हाजिरी लेने में ज्यादा मुश्किल हो रही है। इस बात की शिकायत शिक्षकों ने विभाग से की है। विभाग ने इस पर जल्द कार्रवाई करने की बात कही है।

सुरक्षा के नहीं कोई इंतजाम
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा रामभरोसे है। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के लिए कोई गार्ड तक तैनात नहीं किए गए हैं। पिछली बार नकल माफियाओं ने सेंटर पर उपद्रव किया था। उस घटना से भी शिक्षा विभाग ने कोई सबक नहीं लिया।

दो दिन पहले बने नए केंद्र
परीक्षा के शुरू होने के एक दिन पहले ही दो नए परीक्षा केंद्र बनाए गए। इन केंद्रों को लेकर शिक्षा विभाग पहले से ही विवादों में रहा है। यहां कक्ष निरीक्षकों के डयूटी कार्ड तक नहीं बन पाए हैं। ऐसी स्थिति में परीक्षा के पहले ही नकल माफियाओं का वर्चस्व साफ नजर आ रहा है।
डीआईओएस उमेश त्रिपाठी का कहना है कि इंटरनेट की समस्या के कारण सिम इनवैलिड बता रहा है। इसके बाद सामान्य तरीके से हाजिरी लेने का निर्देश दे दिया गया। जल्द ही इन समस्याओं को दूर किया जाएगा।

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