अवैध पुलिस बूथों पर डीएम सख्त

पुलिस बूथों पर विज्ञापन का खेल

 

  • अवैध पुलिस बूथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश
  • नगर निगम से मांगा 15 अगस्त तक अनावश्यक बूथों का ब्योरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूं तो नगर निगम के प्रचार विभाग पर कई बार प्रचार एजेंन्सियों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं। प्रचार कंपनियां कमीशन खोरी के चलते बिना अनुमति के शहर भर में प्रचार लगाती हैं। शिकायत होने पर नोटिस के नाम पर मामले को टाल दिया जाता हैं। अभी कुछ महीने पहले ही कर्मचारियों की मिलीभगत से प्रचार कंपनियों ने शहर भर में अवैध पुलिस बूथ बनाकर उन पर प्रचार लगाकर, नगर निगम को लाखों का चूना लगाया था।
इस मामले की जानकरी जैसे ही आला अधिकारियों को हुई तो उन्होंने आनन फानन में शहर के ऐसे पुलिस बूथों को चिन्हित करने के आदेश दिये, जो बिना निगम की अनुमति के बनाये गये हो। जिसके बाद शहर भर में करीब 96 पुलिस बूथों को चिन्हित कर अवैध घोषित किया गया था। इस प्रकरण पर अब जिलाधिकारी राजशेखर ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए नगर निगम से १५ अगस्त तक वैध और अवैध पुलिस बूथों का ब्यौरा मांगा है और सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
शहर के कर्ई महत्वपूर्ण सडक़ों, सडक़, पटरी, चौराहा व तिराहा पर कई व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से स्थानीय नागरिक पुलिस एवं यातायात पुलिस की मिलीभगत से बिना नगर निगम की अनुमति व टैक्स जमा किए हुए पुलिस बूथ का निर्माण कराया गया है, जहां पर अवैध रूप से विज्ञापन भी लगा हुआ है। इससे एक ओर तो अवैध निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है वहीं दूसरी ओर नगर निगम को करोड़ों रुपये की राजस्व हानि हो रही है। इसके साथ ही यह यातायात की दृष्टिï से भी बाधक बन रहे हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी राजशेखर ने संज्ञान लेते हुए जोनल अधिकारी व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह सर्वेक्षण करा लें। इस तरह के जितने भी अवैध निर्माण किये गये हैं। उनकी फोटोग्राफी कराते हुए अवैध निर्माण किसके द्वारा किया गया, अवैध निर्माण स्थल पर किसका विज्ञापन लगा हुआ पाया गया तथा उक्त के संबंध में नगर निगम से अनुमति ली गई है अथवा नहीं और टैक्स जमा किया गया है या नहीं, का परीक्षण कराते हुए १५ अगस्त तक रिपोर्ट करें। इसके साथ ही सर्वेक्षण के उपरांत जहां पर अवैध निर्माण पाया जाता है। उसको नियमानुसार हटाते हुए संबंधित के विरुद्घ मुकदमा दायर करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा जिन प्रकरणों में स्थानीय पुलिस की मिलीभगत सामने आती हो तो उसकी जानकारी हमें दें। प्रचार प्रभारी अशोक स्ंिाह ने बताया कि निगम की ओर से शहर भर में कुल 6६ पुलिस बूथों को परमीशन दी गई थी। लेकिन प्रचार कंपनियों ने पुलिस बूथ की आड़ में प्रचार नियमों का उल्लघंन किया हैं। इन अवैध 96 पुलिस बूथों को लगाने वाली विज्ञापन कंपनियों से बूथ लगने के दिनांक से विज्ञापन शुल्क वसूला जायेगा और अवैध पुलिस बूथों के खिलाफ कार्रवार्ई की जाएगी।

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