अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाने से नहीं होगा भला: मायावती

सपा के अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर बसपा ने किया कटाक्ष

 capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा की तरफ से अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाये जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इससे मुसलमानों का भला नहीं होना वाला है। यदि वास्तव में सपा अल्पसंख्यकों का कल्याण चाहती है, तो उसको भाजपा के चंगुल से निकलना होगा और इसके लिए ईमानदारी से प्रयास करने होंगे। प्रदेश की जनता को 400 से अधिक साम्प्रदायिक दंगे का गहरा घाव देने वाली सपा सरकार को उसी तरह याद किया जाता रहेगा, जिस तरह भाजपा को अयोध्या विध्वंस व कांग्रेस को मुरादाबाद, हाशिमपुरा-मलियाना, भागलपुर, भिवण्डी आदि दंगों के लिये याद किया जाता है।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जारी एक बयान में कहा कि सपा और भाजपा दोनों एक-दूसरे की पूरक पार्टियां हैं। दोनों ही उत्तर प्रदेश में अपने-अपने अस्तित्व को बचाये रखने के लिये एक-दूसरे को मजबूत करने का काम करती रहती हैं, जिसकी वजह से प्रदेश में साम्प्रदायिक दंगे लगातार होते रहते हैं। जनता में हमेशा तनाव भी बना रहता है। मायावती ने कहा कि सपा सरकार ने अनेकों घोषणाओं को भी अभी तक पूरा नहीं किया है। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगा काण्ड के पीडि़तों को समुचित राहत देने के साथ-साथ मारे गये लोगों के परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने के वादे को भाजपा के दबाव में पूरा नहीं किया गया। इससे सपा व भाजपा की आपसी अंदरूनी मिलीभगत का पता चलता है। मायावती ने कहा कि बसपा सरकार में अपराध नियंत्रण के साथ-साथ कानून व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त रही है। पीडि़तों को समय से न्याय दिलाने में कोर्ई लापरवाही नहीं बरती गई। बसपा सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति व सिद्धान्त पर चलने वाली पार्टी है। इसी आधार पर अपनी सरकार भी चलायी है। यदि सूबे में अगली सरकार बनी, तो उसमें भी जनहित व जनकल्याण के मामलों में भरपूर ध्यान दिया जायेगा। भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी नहीं बख्शा जायेगा।

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