अल्जाइमर और कैंसर से लडऩे वाले छह नए प्रोटीन की हुई पहचान

हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज व खराब लाइफस्टाइल अल्जाइमर का मुख्य कारण

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रोटीन शरीर क ो भरपूर मात्रा में एनर्जी देते हुए स्टैमिना बढ़ाता है। वैज्ञानिकों के एक दल ने छह ऐसे नए प्रोटीन की खोज की है, जो बुढ़ापा बढऩे के साथ ही डायबिटीज़, अल्जाइमर, कैंसर और अन्य आयु संबंधी रोगों के निदान और चिकित्सा की जानकारी उपलब्ध कराएंगे। शोधकर्ताओं के अनुसार, ये छोटे प्रोटीन कोशिकाओं में ऊर्जा पैदा करने वाले माइटोकाांड्रिया द्वारा निर्मित होते हैं। माइटोकांंड्रिया को मानव कोशिकाओं का पॉवर हाउस कहा जाता है। यह कोशिकाओं के चयापचय और उनके जीवन में अहम भूमिका निभाता है।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलिफोर्निया के मुख्य शोधकर्ता पिनकास कोहेन का कहना है कि इन निष्कर्षो की सहायता से हमें आयु से संबंधित रोगों की दवाइयां विकसित करने में मदद मिलेगी। शरीर में इन महत्वपूर्ण प्रोटीन की मात्रा उम्र बढऩे के साथ ही कम होती जाती है, जिससे शरीर आयु संबंधित रोगों के चपेट में आने लगता है। इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर विश्लेषण की सहायता से छह नए प्रोटीन के लिए जिम्मेदार जीनों की खोज की है, जिन्हें स्माल ह्यूमैनिन-लाइक पेप्टाइड्स (एसएचआईपी) करार दिया गया है। अल्जाइमर रोग ऐसी बीमारी हैं जिसमें इंसान को ‘भूलने का रोग’ हो जाता है। अल्जाइमर होने पर व्यक्ति की याददाश्त कम होने लगती हैं। वो सही समय पर ठीक से कोई निर्णय नहीं ले पाता। अल्जाइमर रोग से पीडि़त व्यक्ति को ना सिर्फ बोलने में दिक्कतें आती हैं बल्कि चीजें समझने में भी दिक्कतेेंं होने लगती हैं।
अल्जाइमर रोग होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन हाई ब्लड प्रेशर होना, डायबिटीज होना और लाइफस्टाइल खराब होना भी इसकी एक बड़ी वजह है। किसी दुर्घटना के दौरान सिर में चोट लगने से भी भूलने का रोग हो जाता है। पचास से साठ साल की उम्र में होने वाली इस बीमारी का पुख्ता इलाज मौजूद नहीं है। बेशक इस बीमारी को शुरूआत में पहचान लिया जाए तो इलाज संभव है। आमतौर पर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है व्यक्ति की याददाश्त कमजोर होने लगती हैं। लेकिन हर चीज भूलना, यहां तक की अपना नाम, घर का पता या फिर अपने करीबी लोगों को भूल जाना गंभीर समस्या बन सकती हैं।

कैसे पहचानें

अल्जाइमर रोग से पीडि़त व्यक्ति को बोलने में दिक्कतें आने लगती हैं। न सिर्फ बोलने में फर्क आता है बल्कि उसकी लेखनशैली बदल जाती है उसकी लिखावट को पहचान पाना मुश्किल होता है।
अपना घर का पता भूलना, अपने आसपास के माहौल तक को व्यक्ति भूल जाता है।
कोई भी निर्णय लेने में उसे काफी दिक्कतें आती हैं।
अपनी चीजों को रखकर भूल जाना भी एक बड़ी समस्या बन जाती हैं।

याददाश्त कमजोर होने पर ये खाएं-

बादाम और ड्राई फ्रूट के अलावा कई और सुपरफूड खा सकते हैं जो आपकी याददाश्त तेज करते हैं।
दिमाग को सक्रिय बनाए रखने के लिए एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी खाएं। इससे तनाव कम होगा।
हरी फूलगोभी यानी ब्रोकली का सेवन करने से दिमाग तेज होता है। इसके अलावा हड्डियां भी मजबूत होती हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां,साबुत अनाज, एक गिलास वाइन अल्जाइमर रोग से लडऩे में मदद करती हैं।

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