अम्बेडकर महासभा में पहुंचने वाले पहले पीएम होंगे मोदी

दलित वोट बैंक को लेकर अहम माना जा रहा है प्रधानमंत्री दौरा

इससे पहले अम्बेडकर महासभा के कार्यालय में कई नामचीन हस्तियों ने उपस्थिती दर्ज कराई थी

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। दलितों के मसीहा डॉ. भीमराव अम्बेडकर की विरासत पर कब्जा करने के लिए भाजपा की सियासत तेज होती दिख रही है। इसकी वजह उत्तर प्रदेश में 2०17 के विधान सभा चुनाव को माना जा रहा है। जानकारों की माने तो 22 जनवरी को राजधानी स्थित अम्बेडकर महासभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आगमन इसी की रणनीति हो सकती है। वहीं प्रधानमंत्री के इस आगमन पर देशभर के दलितों की भी निगाहें टिकी हुयी हैं। यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव 2017 भाजपा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि विधानसभा चुनाव के परिणाम ही लोकसभा 2019 का भविष्य तय करेंगे। 2014 के लोकसभा चुनावों में यूपी से भाजपा गठबंधन को 73 सांसद मिले थे। भाजपा नेतृत्व दोबारा से इस प्रदर्शन की उम्मीद 2019 में करना चाह रहा है। उसका मानना है कि अगर 2017 के विधानसभा में यूपी की सत्ता उसके हाथ आ गई तो 2019 में केन्द्र की सत्ता पाना उसके लिए आसान हो जाएगा। इसके लिए भाजपा यूपी में जाति, धर्म से लेकर हर तरह के वोट बैंक जुटाने वाली योजना पर काम कर रही है। भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि विधान सभा चुनाव में सत्ताधारी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से उसकी सीधी टक्कर होगी।
अम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष डा. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि डा. अम्बेडकर ने दलितों को सामाजिक और राजनैतिक आजादी दिलायी थी। आज जो दलितों को आर्थिक आजादी दिलायेगा वही दलितों का असली नेता होगा। डा. निर्मल ने कहा कि हर क्षेत्र में दलितों को भागीदारी मिलनी चाहिए। मिली जानकारी के अनुसार अम्बेडकर महासभा कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का केवल डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की अस्थियों और बोधिवृक्ष के दर्शन और पुष्पांजलि का कार्यक्रम तय है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस अवसर पर शिक्षा,चिकित्सा और साहित्य से जुड़े लोगों को सम्मानित भी करेंगे।
लखनऊ स्थित अम्बेडकर महासभा के कार्यालय में कई नामचीन हस्तियों ने उपस्थिती दर्ज कराई है। लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर नरेन्द्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं,जो अम्बेडकर महासभा के कार्यालय आ रहे हैं। उक्त कार्यालय में वैसे तो के.आर.नारायणन जब उप राष्ट्रपति थे तब यहां आये थे। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह यहां आये थेे। कांग्रेस सरकार में मानव संसाधन मंत्री रहते हुऐ अर्जुन सिंह ने उच्च शिक्षा में आरक्षण की घोषणा की थी। इसके अलावा 1993 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा यूपी में पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा।

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