अमीनाबाद में आग से करोड़ों रुपये का सामान जलकर खाक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के सबसे बड़े कपड़ा मार्केट अमीनाबाद के प्रताप मार्केट में शनिवार देर रात लगी भीषण आग पर रविवार को भी पूरी तौर पर काबू नहीं किया जा सका। फायर विभाग के कर्मियों को आग के साथ-साथ प्लास्टिक के जलने से पैदा हुए धुएं ने खासी मुश्किल में डाल रखा है। फिलहाल अब अफसर इलाके की कुछ दुकानों को तोडक़र हालात काबू पाने की कोशिश में जुटे हैं।
बीते दिन अमीनाबाद के प्रताप मार्केट में स्थित मुमताज काम्प्लेक्स की दुकानों में आग लग गई। साप्ताहिक बंदी के चलते आग की खबर उस समय मिली, जब आग का धुआं मार्केट में आने लगा और लोग परेशान होने लगे। आनन-फानन में फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों को बुलाया गया, लेकिन आग से पैदा हो रहे धुएं ने सारे इंतजामों को फेल कर दिया।

रविवार को 12 घंटे बाद तक काम्प्लेक्स से धुआं निकल रहा था। इस बीच जब लोग दुकान खोलने पहुंचे और दुकान में धुआं देखा तो आनन फानन में सामान बाहर निकालने लगे। जानकारों का मानना है कि प्लास्टिक और होजरी का सामान जलने से जो धुआं निकल रहा है, वो जहरीला है। इसके चलते रातभर से मशक्कत में लगे फायर ब्रिगेड के कर्मी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पा सके। अब फायर विभाग के साथ अन्य प्रतिष्ठानों से भी मदद मांगी जा रही है। फिलहाल करीब 3 दर्जन दुकानों का सामान इस आग में राख हो गया, जबकि करीब इतनी ही दुकानों का सामान आग और धुएं के चलते कबाड़ में तब्दील हो गयी है।

अमीनाबाद में आग लगने के मामले पर डीएम ने आज नगर निगम और एलडीए की बैठक बुलाई है। जिसमें सभी विभागों के साथ सामजंस्य बनाने की रणनीति भी बनाई जाएगी। मामले को लेकर डीएम राजशेखर ने एलडीए और निगम अधिकारियों को फटकार भी लगाई है।

सिटी बस के संविदा ड्राइवर- कंडक्टर रहे हड़ताल पर
लखनऊ। राजधानी के सिटी बसों में संविदा पर काम करने वाले कर्मचारी मिनिमम वेजेज को लेकर आज हड़ताल पर रहे। इसमें ड्राइवर और कंडक्टर दोनों शामिल रहे। इससे आज सिटी में चलने वाली 230 सिटी बसों का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि नियमित ड्राइवर और कंडक्टर सिटी बसें चलती रहीं। संविदा कर्मचारी संघर्ष यूनियन के मीडिया प्रभारी अयाज खान ने कहा कि 10 साल से फिक्स वेतन देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। अब आर-पार की लाई लेंगे। वर्तमान में संविदा के ड्राइवर और कंडक्टर को किलोमीटर के आधार पर वेतन दिया जाता है।

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