अमित शाह ने कहा अनुप्रिया से पार्टी का विलय कराओ और बन जाओ मंत्री

  • यूपी और उत्तराखंड के चुनाव को ध्यान में रखकर यूपी से तीन और उत्तराखंड से एक मंत्री पा सकता है मोदी मंत्रिमंडल में जगह
  • योगी आदित्यनाथ और अनुप्रिया पटेल का मंत्री बनना लगभग तय, योगी देंगे हिन्दुत्व को धार और अनुप्रिया रोकेंगी कुर्मी
    वोटो को

इम्तियाज अहमद
Captureलखनऊ। नीतीश कुमार ने यूपी में कुर्मी वोटो पर डोरे डालने क्या शुरू किए भाजपा में हडक़ंप मच गया। भाजपा कुर्मियों को अपने साथ रोकने के लिए अनुप्रिया पटेल को मंत्री बनाने पर विचार कर रही है। सपा भी बेनी प्रसाद वर्मा को लाकर कुर्मी वोटो पर डोरे डाल रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अनुप्रिया पटेल से कहा है कि पार्टी का विलय करा दो जिससे उन्हें यूपी में भाजपा का कुर्मियों के नेता के रूप में स्थापित किया जा सके। उधर योगी आदित्यनाथ से भी हिन्दुत्व के मुद्दे को धार देने के लिए कहा गया है कि वह अपने मुद्दे को इसी तरह उठाते रहें। मोदी मंत्रिमंडल में यूपी के तीन मंत्री जगह पाने की कतार में है। माना जा रहा है कि ब्राह्मïणों को लुभाने के लिए शिव प्रताप शुक्ला को भी मौका दिया जा सकता है।
कुछ मङ्क्षत्रयों की मंत्रिमंडल से छुट्टïी होने के नाम से भी तापमान बढ़ा हुआ है। चर्चा है कि नजमा हेप्तुल्ला, निहाल चंद्र, रमा शंकर कठेरिया और गिरिराज किशोर को मंत्रिमंडल से बाहर किया जायेगा। उनकी जगह यूपी और उत्तराखंड के लोगों से भरी जायेगी क्योंकि कुछ ही महीनों में यहां चुनाव है।
भाजपा अध्यक्ष फिलहाल यूपी में अनुप्रिया पटेल पर विलय कराने का दबाव बनाये हुए हैं।
सोनेलाल पटेल की 67वीं जयंती पर बनारस (रोहनियां) में आयोजित अपना दल की जनस्वाभिमान रैली के मंच पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अनुप्रिया पटेल की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने अनुप्रिया को केन्द्र में मंत्रिमण्डल में शामिल किए जाने के संकेत भी दिए थे। अनुप्रिया अपना दल से संस्थापक सोनेलाल पटेल की बेटी हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी-अपना दल गठबंधन के दौरान मिर्जापुर से सांसद चुनी गईं। बीजेपी से गठबंधन से नाराज अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल नाराज चल रही हैं। क्योंकि वह लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन करने की कोशिश में थी लेकिन अनुप्रिया ने पहले ही बीजेपी से हाथ मिला लिया। फिलहाल अनुप्रिया पटेल ने दिल्ली में आज सुबह अमित शाह से मुलाकात भी की है। इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कल होने वाले कैबिनेट विस्तार में अनुप्रिया पटेल, योगी आदित्यनाथ, पुरुषोत्तम रुपाला, रामदास अटावले समेत 9 लोगों को इंट्री मिल सकती है। इसके अलावा नजमा, निहालचंद्र, रामशंकर कठेरिया और गिरिराज मंत्रिमंडल से बाहर हो सकते हैं।
दरअसल बीजेपी पटेल समाज को अपना परंपरागत वोट बैंक मानती थी लेकिन अपना दल के अस्तित्व में आने के बाद यह वोट बैंक बीजेपी से दूर चला गया था। इसलिए बीजेपी अनुप्रिया पटेल के माध्यम से पटेल वोट बैंक को दोबारा हासिल करना चाहती है। वह अच्छी तरह जानती है कि यादव बिरादरी में सेंधमारी आसान नहीं है। इसलिे पटेल और मौर्य समेत अन्य जातियों को साथ मिलाने की भरपूर कोशिश की जा रही है। इसी रणनीति के तहत अनुप्रिया को मंत्रिमण्डल में शामिल किया जा रहा है। मंत्री बनते ही अनुप्रिया का कद बढ़ जायेगा और वह अपना दल का चर्चित चेहरा भी बन जायेंगी। हालांकि अनुप्रिया की ही तरह बीजेपी ने बिहार इलेक् शन से पहले गिरिराज सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दी थी लेकिन वह कोशिश फेल हो गई थी। ऐसे में बीजेपी की रणनीति कहां तक कारगर होगी। इसको लेकर संशय बना हुआ है।

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