अमिताभ व नूतन ने रीयल एस्टेट में किया है भारी निवेश: संजय

आरटीआई कार्यकर्ता ने लगाये कई आरोप
सभी आरोपों की हो जांच: नूतन ठाकु

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अपनी काली कमाई को खपाने के लिए अपने परिवार, सम्बन्धियों और मित्रों के नामों से रीयल एस्टेट में भारी-भरकम निवेश किया है। पहले जारी सम्पत्तियों के अतिरिक्त अमिताभ ठाकुर ने जनवरी 2008 में अपनी माता माधुरी बाला और पिता तपेश्वर नारायण ठाकुर के नाम से ग्राम तीरगांव परगना सतरिख तहसील नबाबगंज जिला बाराबंकी में 6.907हेक्टेयर कृषि भूमि 2 लोगों से खरीदी और 2014 में मामला उठाये जाने पर जून 2014 और जुलाई 2014 में इन जमीनों को छोटे-छोटे टुकड़ों में दर्जन भर लोगों को बेच दिया। इस प्रक्रिया में अमिताभ ठाकुर ने अकूत लाभ भी अर्जित किया। इतना ही नहीं उन्होंने टैक्स भी नहीं दिया।
यह बातें आरटीआई कार्यकर्ता संजय शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि इन सम्पत्तियों को खरीदने के लिए धन कहां से आया और इन सम्पत्तियों को बेचने के बाद धन कहा गया। जांच होनी चाहिए। इनता ही नहीं अमिताभ ठाकुर ने अपने उच्च पुलिस पद का धौंस जमाकर पद का दुरुपयोग करते हुए ग्राम खरगापुर के 2625 वर्गफुट के भूखण्ड संख्या 38 पर अपनी पत्नी नूतन ठाकुर का अवैध कब्जा किया हुआ है। जिसकी जांच आवश्यक है। नूतन ठाकुर के अवैध कब्जे के कारण भूस्वामी अपनी संपत्ति से वंचित हो गया है। अमिताभ ने अपने निदेशालय के जनसूचना अधिकारी के कुछ दिनों के अवकाश की अवधि में मौके का अनुचित लाभ उठाया और जनसूचना अधिकारी के पदीय अधिकारों का अतिक्रमण तक करते हुए अधिनियम के प्रतिकूल मुझे उनके कार्यालय आने को वाध्य किया। अमिताभ इस मामले में दोहरे मापदण्ड अपनाने के कारण ईमानदारी की कमी के भी दोषी हैं, क्योंकि ये स्वयं को आरटीआई एक्टिविस्ट कहते हैं पर इन्होंने दोहरा मापदंड अपनाकर अपने से सम्बंधित वही सूचना देने से मना किया जो सूचना अन्य लोकसेवकों के बारे में ये स्वयं मांगते रहे हैं। श्री ठाकुर लोकसेवक की हैसियत से अपनी उच्च स्थिति का दुरुपयोग कर राज्य सूचना आयोग में लम्बित 143 मामलों में बिना अवकाश की स्वीकृति के अपनी अवैध उपस्थिति दर्ज कराई। नागरिक सुरक्षा के निदेशक के एक पत्र संख्या 1004 दिनांक 02.07.15 के अनुसार अमिताभ ठाकुर अपने वरिष्ठ अधिकारियों की शिकायतें करके और उनके विरुद्ध समाचार पत्रों में बयान देकर उन पर अपने मनमाफिक कार्य करने का दबाव बनाते हैं। इसीलिये नागरिक सुरक्षा के निदेशक ने भी अपने इस पत्र संख्या 1004 दिनांक 02.07.15 द्वारा इस कनिष्ठ महिला कार्मिक के द्वारा महिला आयोग में अमिताभ ठाकुर पर लगाए गए शारीरिक शोषण के प्रयास के गंभीर आरोपों पर भी कार्यवाही करने से इंकार कर दिया। इस कनिष्ठ महिला कार्मिक को दिनांक 19 मार्च 2015 को निलंबित किया जा चुका है। वहीं इस मामले में नूतन ठाकुर ने कहा कि जो भी आरोप है उन आरोपों की जांच कराई जाये। उनको जांच करने में कोई आपत्ति नहीं है।

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