अमर सिंह को फुटबॉल बना दिया नेताजी ने

अमर सिंह तड़प रहे हैं पार्टी में आने के लिए
नेताजी करीबी तो दिखाते हैं मगर नहीं देते हरी झंडी
सीएम नहीं चाहते कि पार्टी में आएं अमर सिंह

 E1संजय शर्मा
लखनऊ। जो लोग सपा मुखिया को करीब से जानते हैं उन्हें पता है कि पार्टी में वहीं होता है जो नेता जी चाहते हैं। अमर सिंह ने नेताजी की नजदीकियों का फायदा उठाकर परिवार में जो लड़ाई लड़वाने की कोशिश की थी अब उसका खामियाजा यह क्षत्रिय नेता भुगत रहा है। पिछले दो सालों से नेताजी ने अमर सिंह को फुटबाल बना दिया है। वह कुछ-कुछ महीनों बाद अमर सिंह से मिलते हैं। कान में फुसफुसातें हुए फोटो खिचवाते हैं मगर पार्टी में आने को हरी झंडी नहीं देते।
जब जब पार्टी किसी मुसीबत में होती है तब-तब नेताजी की अमर सिंह से मुलाकात होती है। बाकी सारे मुद्दे और सारे विवाद पीछे छूट जाते हैं और केवल अमर सिंह और नेताजी की मुलाकात सुर्खियों में रहती है। जाहिर है यह राजनीति में नेताजी का वह दांव है जिसे बहुत कम लोग समझते हैं। अमर सिंह को जब पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। तभी यह साफ हो गया था कि अब अमर सिंह के लिए सभी दरवाजें बंद हो गये हैं। दरअसल एक समय में अमर ङ्क्षसह को गुमान हो गया था कि वह नेताजी के इतने करीबी है कि वह रामगोपाल यादव को भी धमका सकते हैं। उन्होंने खुलेआम रामगोपाल यादव के लिए भी टिप्पणियां करना शुरू कर दिया था, जो उनके लिए भारी साबित हुआ।
प्रदेश में सरकार बनने के बाद अमर सिंह ने फिर से नेताजी पर डोरे डालने शुरू किये, मगर तब तक पार्टी में चीजें काफी बदल चुकी थी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अमर सिंह से खासे खफा थे। रामगोपाल यादव भी अपना अपमान भूले नहीं थे। इन लोगों ने नेताजी को साफ-साफ बता दिया कि अमर सिंह के पार्टी में आने से पार्टी को भारी नुकसान होगा।
नेताजी भी राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी है वह बेवजह किसी को भी अपना विरोधी नहीं बनाते। उन्होंने अमर सिंह को यह संदेश देने में कोई कसर नहीं छोड़ी कि वह तो उनको बहुत प्यार करते हैं, मगर रामगोपाल यादव को थोड़ा समझाना जरूरी है। पार्टी में रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव के संबंध बहुत बेहतर नहीं है यह सब जानते हैं।
यह बात जानकर अमर सिंह ने एक बार फिर वहीं खेल खेला जिसके वह मास्टर माने जाते हैं। उन्होंने शिवपाल यादव से नजदीकियां बढ़ानी शुरू की और उसका संदेश भी देना शुरू किया। जाहिर है कि राम गोपाल यादव इससे थोड़ा और भडक़े और उन्होंने सार्वजनिक बयान भी दे डाला कि अमर सिंह को पार्टी में लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसके कुछ दिनों बाद ही शिवपाल यादव ने बयान दे दिया कि अमर सिंह तय करें कि उन्हें पार्टी में कब आना है। अमर ङ्क्षसह को लगा अब तो उनकी पार्टी में एंट्री तय ही है। वह खुशी में नेताजी के अलावा सीएम से भी मिल आए और सीएम ने भी अपने व्यवहार के अनुरूप उनसे बहुत अच्छी मुलाकात भी कर ली।
इसी बीच विधान परिषद सदस्यों के नाम भेजे जाने थे। अमर सिंह कैंप ने कहना शुरू कर दिया कि जयाप्रदा एमएलसी बनने के बाद काबीना मंत्री भी बनायी जायेंगी। उधर रामगोपाल यादव और सीएम के अलावा सबसे ताकतवर मंत्री आजम खां भी अमर सिंह से काफी खफा थे।
जब एमएलसी प्रत्याशी तय करने का नम्बर आया तो जयाप्रदा का नाम सूची से गायब था। अमर सिंह को यह देखकर पसीना आ गया। उन्होंने फिर दिल्ली से नेताजी से मुलाकातें शुरू की। नेताजी ने उन्हें समझा दिया कि वह रामगोपाल यादव और आजम खां को समझाने में लगे हुए हैं। हकीकत में नेताजी अब अमर सिंह की विवादित छवि को देखते हुए उन्हें पार्टी में लेने का जोखिम उठाना नहीं चाहते। कल मुख्यमंत्री के रोजा इफ्तार में फिर अमर सिंह नेताजी के साथ करीबी दिखाते हुए नजर आए। नेताजी उन्हें अपने साथ मंच तक ले गये। मगर यह तय है कि नेताजी अमर सिंह को फिलहाल पार्टी में एंट्री देने नहीं जा रहें।

कौशल विकास से बदलेगा यूपी: अभिषेक

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश के व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री अभिषेक मिश्रा ने कहा है कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन एक मात्र ऐसा कार्यक्रम है, जो उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल सकता है। उन्होंने कहा कि यूपी पहला राज्य है, जिसने यह प्रोग्राम लांच किया है। ट्रेनिंग से रोजगार दिलाना ही हमारा उद्देश्य है।
इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक भव्य कार्यक्रम में बोलते हुए श्री मिश्रा ने युवाओं से कहा कि इस प्रोग्राम से न केवल खुद जुड़े बल्कि औरों को भी जोड़े। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि इस कार्यक्रम को बेहतर बनाने के कुछ सुझाव हो तो वह नि:संकोच बतायें। इन सुझावों को कार्यक्रम में शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह बड़ी बात है कि 46 लाख लोगों ने इस प्रोग्राम में रजिस्ट्रेशन कराके ट्रेनिंग करने की इच्छा जाहिर की है।
सचिव कौशल विकास भुवनेश कुमार ने कहा कि विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के मेधावी छात्रों की प्रतिभा का सम्मान करके उन लोगो को
आगे बढ़ाने का अवसर दिया जा रहा है, जो लोग स्वावलंबी बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि
इस वर्ष आईटीआई के निर्माण में बड़ी संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश के युवा इन आईटीआई
से शिक्षा हासिल करके अपने जीवन को मजबूती दे सकते हैं।

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