अमर सिंह के आने से बांछें खिलीं दीपक सिंघल की, मुख्य सचिव बनने के लिए कर रहे हैं लॉबिंग

  • अमर सिंह के साथ व्यापारिक रिश्तों को लेकर पहले बदनाम हो चुके हैं दीपक सिंघल
  • अगला मुख्य सचिव बनने के लिए यादव परिवार को विश्वास में लेने की कर रहे हैं कोशिश
  • सीएम नहीं चाहते दीपक सिंघल को, 14 दिन में हटा दिया था प्रमुख सचिव गृह के पद से

2 JUEN PAGE11संजय शर्मा

लखनऊ। मुख्य सचिव आलोक रंजन 30 जून को रिटायर हो रहे हैं। उनके रिटायर होने से पहले इस पद के लिए अफसरों ने अपने-अपने पक्ष में लॉबिंग शुरू कर दी है। सबसे ज्यादा दौड़भाग दीपक सिंघल कर रहे हैं। अमर सिंह के पार्टी में आने के बाद उनके चेहरे की खुशी छिपाये नहीं छिप रही। दीपक सिंघल और अमर सिंह के व्यपारिक रिश्ते पूरे देश में चर्चा का विषय रह चुके हैं। अपने इस राजनैतिक गुरू की सलाह मानकर दीपक सिंघल ने यादव परिवार के बाकी धड़ों को साधना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा परेशानी सीएम अखिलेश यादव को लेकर आ रही है, जो सिंघल को पसंद नहीं करते। सीएम आलोक रंजन को तीन महीने का और विस्तार देना चाहते हैं। ऐसा न हो पाने पर उनकी दूसरी पसंद प्रवीर कुमार हैं। देखना यह है कि सूबे के सबसे बड़े नौकरशाह के पद पर कौन तैनात होता है।
दीपक सिंघल ने मार्च में भी मुख्य सचिव पद के लिए लॉबिंग करनी शुरू की थी। 31 मार्च को आलोक रंजन को रिटायर होना था, मगर सरकार ने उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार दे दिया। 31 जून को आलोक रंजन रिटायर हो रहे हैं। उनके रिटायर होने से पहले ही मुख्य सचिव बनने के लिए अफसरों ने पेशबंदी शुरू कर दी। आलोक रंजन को एक और सेवा विस्तार न मिले इसके लिए कुछ बेबुनियाद खबरों को सोशल मीडिया पर चलवाया गया।
दीपक सिंघल को भरोसा है कि अमर सिंह उनके लिए इस कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता आसान कर देंगे। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के पास अमर सिंह के जरिए दीपक सिंघल अपनी खासी पैरवी करा चुके हैं। यादव परिवार के बाकी धड़ों को भी उन्होंने मैनेज कर लिया है, मगर प्रोफेसर राम गोपाल यादव और सीएम अखिलेश यादव किसी विवादित नाम को मुख्य सचिव नहीं बनाना चाहते। दीपक सिंघल पुरजोर कोशिशों में हैं कि किसी तरह यह लोग भी मैनेज हो जाएं।
मार्च में आलोक रंजन के रिटायर होने की स्थिति में सबसे ज्यादा चर्चा प्रवीर कुमार के मुख्य सचिव बनने की थी, मगर वे राजनेताओं से दीपक सिंघल की तरह लॉबिंग नहीं कर पाते। चुनाव से पहले दीपक सिंघल मुख्य सचिव बनेंगे या फिर तीन महीने के लिए आलोक रंजन को एक और मौका मिलेगा इस पर पूरी नौकरशाही की नजर हैलोग यह भी मान रहे है कि अगर दीपक सिंघल को मौका मिला तो वह कुछ महीने ही इस कुर्सी पर रह पायेंगे। क्योंकि उनका रिकार्ड देखते हुए निर्वाचन आयोग उन्हें इस कुर्सी पर बिठाने वाला नहीं है।

Pin It