अब साहित्यकारों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात..

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Captureलखनऊ। 22 मई को विज्ञान भवन में आयोजित होने जा रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का साहित्यकारों के साथ संबोधन कार्यक्रम में लखनऊ के एक ऐसे साहित्यकार को बुलाया गया है जिसने पर्दे के पीछे से इस क्षेत्र की बहुत सेवा की है। इस साहित्यकार का नाम है राजेश अरोरा ‘‘शलभ’’। शलभ प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनने के लिए उत्सुक हैं। शलभ की 11 पुस्तके प्रकाशित हो चुकी हैं जिसमें 2 गीत गजल की और 9 हास्य व्यंग की। यही नहीं शलभ की गीत/गजल की 5 सीडी भी बाजार में धूम मचा चुकी है। शलभ को शाहजहांपुर जनपद रत्न अवार्ड से वर्ष 2011 में नवाजा जा चुका है।
अवधी के लिए करना चाहते हैं काम
राजेश अरोरा ‘‘शलभ’’ की इच्छा अवधी और अवध क्षेत्र के साहित्यकारों के लिए कुछ कर गुजरने की है। वह बिम्ब नाम से एक संस्था भी चला रहे हैं। शलभ का कहना है कि आज अवधी साहित्यकारों के नाम पर जितने भी कार्यक्रम आयोजित होते हैं वह उन्ही के परिजनों के सौजन्य से होते। वह प्रधानमंत्री से इस दिशा में हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे। उनकी इच्छा है कि दम तोड़ती अवधी के लिए भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कुछ करे। शलभ ने 4पीएम को बताया कि उनके पास पीएमओ से श्री अमरेन्द्र का फोन आया था। वह साहित्यकारों के साथ प्रधानमंत्री के संबोधन को एक अच्छी शुरूआत मान रहे हैं उनका कहना है कि इससे साहित्यकारों का मनोबल बढ़ेगा। वह चाहते हैं कि अमृतलाल नागर और केपी सक्सेना जैसे महान साहित्यकरों के नाम पर केन्द्र सरकार पुरूस्कार आदि बांटने की शुरुआत करें।

 

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