अब बजेगी सरकारी घंटी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सरकारी विज्ञापनों में राष्टï्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश के फोटो ही लगेंगे तो वहीं सूबे की समाजवादी सरकार ने जनता तक उपलब्धियों को पहुंचाने के लिए एक नया तरीका ढूंढ लिया है। यह है कॉलर ट्यून। यानी अब लोग सरकारी विज्ञापन को सुनकर बोर भी नहीं होंगे और सरकार की उपलब्धियां भी जनता तक बेहतर तरीके से पहुंच पाएंगी।
युवा सोच, युवा जोश, इसी थीम के जरिए प्रदेश सरकार ने युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का काम किया है और आधार बनाया है कॉलर ट्यून को। प्रदेश के सूचना विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है और प्रथम चरण में अपने विभाग के 100 सरकारी अधिकारियों के सीयूजी नम्बरों पर कॉलर ट्यून डाउनलोड कराई है। सरकार की कोशिश है इसके माध्यम से सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे 1090, लखनऊ मेट्रो, समाजवादी पेंशन योजना, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे जैसी कई योजनाओं को म्यूजिकल ट्यून के जरिए जनता तक आसानी से पहुंचाया जाये।
सूचना विभाग की यह कोशिश है कि वह सभी महत्वपूर्ण विभागों की कॉलर ट्यून बनवाये। इस कॉलर ट्यून के साथ ही वह विभागों की उपलब्धियां भी विशेष कॉलर ट्यून के जरिए जनता तक पहुंचाये। सूचना विभाग के निदेशक का कहना है कि पीडब्ल्यूडी और पुलिस विभाग की कॉलर ट्यून बन रही हैं और विभागों की भी जल्द बन जाएंगी। इसको लेकर उन्होंने बीएसएनएल से टाई-अप भी किया है और सरकार की स्कीम का जनता से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। यदि कोई इस ट्ïयून को डाउनलोड करता है तो उसे इसके बदले कुछ चार्ज देना पड़ेगा। इस चार्ज से जो धनराशि इकट्ïठा होगी, टेलीकॉम कम्पनी उसमें से सरकार को भी शेयर देगी।
चूंकि प्रदेश में करीब 1 लाख सरकारी कर्मचारियों को सरकार ने सीयूजी नंबर दे रखे हैं जिन पर जनता फोन करती है। ऐसे में जब तक अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं तब तक सरकार के काम को लोग अच्छे से जान सकें। इसके साथ ही सरकार की उपलब्धियों को म्यूजिकल टच देने वाले विज्ञापन आजकल रेडियो एफएम पर भी सुनाई दे रहे हैं। सरकार चाहती है कि सरकारी विज्ञापन से जनता बोर न हो बल्कि इस विज्ञापन से वह अपना संदेश बखूबी पहुंचा सके।

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