अब देशी-विदेशी शराब की दुकानों से अनुज्ञप्ति शुल्क वसूलेगा नगर निगम

  • राजस्व बढ़ाने के लिए नगर निगम ने कसी कमर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बकायेदारों पर नकेल कसने के लिये नगर निगम प्रशासन की नींद टूट गई है। निगम प्रशासन ने विभाग की उधारी को कम करने के लिये प्रयास करना शुरू कर दिया है। निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए अधिकारियों ने सभी जोनल अधिकारियों से उनके क्षेत्र की टैक्स वसूली का ब्यौरा मांगा है और बकायेदारों पर हुई कार्रवार्ई की समीक्षा की है। वहीं जोनल अधिकारियों को जोनों में अनुज्ञप्ति शुल्क वसूलने के लिए भी निर्देश दिए हैं।
अपर नगर आयुक्त नंदलाल ने बताया कि नगर निगम के आठों जोनों में हाउस टैक्स संबंधी समीक्षा की गई है। साथ ही सभी को अपने जोन के बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवार्ई के निर्देश दिये गये। इसके लिये सभी जिम्मेदारों को सितंबर लास्ट तक का समय दिया गया है। इस दौरान सभी जोनल अधिकारी अपने क्षेत्र के अन्य बकायेदारों से टैक्स की वसूली करेंगे। बाकियों की लिस्ट बनाकर उनके खिलाफ खाते सीज करने की कार्रवाई की जायेगी।

शुल्क वसूलने पर दिया जोर

नगर निगम के क्षेत्र में आने वाली बियर, अंग्रजी शराब की दुकान, देशी शराब की दुकान, निजी स्वास्थ्य संस्थान जैसे पैथालॉजी, क्लीनिक, हॉस्पीटल, नर्सिंग होम आदि से अनुज्ञप्ति शुल्क नगर निगम द्वारा वसूलने का प्रावधान हैं। इसके लिए नगर निगम प्रशासन क्षेत्र में स्थापित संस्थान को लाइसेन्स देता है और उसका शुल्क वसूलता है। कई हजार संस्थान हैं, जो इसकी जद में आते हैं।

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