अब तक दुकानों पर नहीं पहुंचा एपीएल का राशन

राशन वितरण को नियमित करवाने की सारी कोशिशें हुई नाकाम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिले में आवश्यक वस्तु निगम और आपूर्ति विभाग की लापरवाही के कारण एपीएल का राशन दुकानों पर नहीं पहुंच पाया है। प्रशासन की तरफ से राशन वितरण की कोई तिथि भी निर्धारित नहीं की गई है। इस कारण कोटेदार और कार्डधारक दोनों एपीएल वितरण को लेकर संशय की स्थिति में हैं।
जिला प्रशासन की तरफ से राशन वितरण को नियमित करवाने की सारी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। वर्ष 2013-14 में एपीएल कोटे का राशन माह की 14 से 20 तारीख के मध्य वितरित हो जाता था। इस दौरान राशन शेष होने की स्थिति में दुकानें माह की अंतिम तारीख तक खुली रहती थीं, जिसकी वजह से कार्डधारकों को भी सुविधा रहती थी लेकिन अप्रैल 2014 से राशन वितरण की प्रक्रिया नियमित नहीं है। दुकानों पर समय से राशन नहीं पहुंचने के कारण वितरण की तिथि निर्धारित करने में भी हीलाहवाली की जाती है। इसी वजह से जुलाई में एपीएल का राशन वितरित करने की कोई तिथि अब तक निर्धारित नहीं की गई है। वहीं आपूर्ति विभाग कोटेदारों पर दबाव डालकर आवंटित राशन की कीमत ई-चालान के माध्यम से जमा करवा लेता है लेकिन दुकानों पर समय से राशन पहुंचाने का समुचित प्रबंध नहीं है। इसी वजह से एक साल में करीब छह महीने का राशन लैप्स हो चुका है। इस राशन को समायोजित करने और एडवांस में जमा धनराशि को वापस करने के नाम पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के पदाधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।

ठेका व्यवस्था की वजह से राशन पहुंचने में विलंब

लखनऊ में आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम से दुकानों तक राशन पहुंचाने का काम ठेकेदारों को दिया गया है। वह अपनी सुविधा के अनुसार गाडिय़ा लगाने और राशन उठवाने का प्रबंध करता है। इसमें बार-बार राशन पहुंचाने की मांग करने वाले दुकानदारों से अतिरिक्त सुविधा शुल्क भी लिया जाता है। इसकी शिकायत कोटेदारों ने खाद्य आयुक्त से भी की थी लेकिन समस्या का हल निकालने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
जबकि नियमानुसार हर महीने 10 तारीख तक दुकानों पर राशन पहुंच जाना चाहिए। इसमें बीपीएल का राशन पहुंचने की तिथि माह की 4 तारीख निर्धारित है क्योंकि बीपीएल के काड4 धारकों को हर हाल में 5 तारीख से राशन वितरण करना होता है लेकिन उन्हें भी समय से राशन नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से कोटेदार संघ राशन पहुंचाने की ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद ठेकेदारी प्रथा समाप्त नहीं की जा रही है। वहीं सरकारी गोदाम से राशन का उठान समय से नहीं होने पर राशन लैप्स हो जाता है, जिसका खामियाजा कार्डधारकों को भुगतना पड़ता है।

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