अफसरों के अच्छे कामों से सुधरती है सरकार की छवि: अखिलेश

  • पीसीएस संघ के वार्षिक अधिवेशन का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ
  • कहा, सरकार की योजनाओं को अफसरों ने पहुंचाया जनता तक
  • समस्याओं के समाधान का मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा
  • नौ साल बाद लोकभवन में आयोजित हुआ पीसीएस संघ का वार्षिक अधिवेशन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। उत्तर प्रदेश पीसीएस संघ का वार्षिक अधिवेशन आज लोकभवन में संपन्न हुआ। नौ साल बाद हो रहे इस वार्षिक अधिवेशन का उद्घाटन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया। इस मौके पर अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे सभी अधिकारियों पर भरोसा है। अफसरों ने ही सरकार की तमाम कल्याणकारी व अन्य योजनाओं को जनता तक पहुंचाया है। लिहाजा लोगों को इसका फायदा मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों के अच्छे कामों के कारण सरकार की छवि सुधरती है। उन्होंने कहा कि अधिवेशन के लोकभवन में आयोजित होने से मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह अधिवेशन हर साल होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार ने प्रदेश को नई दिशा दी है। विकास के कई बड़े काम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की रफ्तार जितनी तेज होगी प्रदेश का उतना ही तेज विकास होगा। उन्होंने कहा कि विकास के कई कामों को पूर्ण करने में अधिकारियों का सहयोग मिला। बुंदेलखंड में सूखा राहत वितरण के दौरान अधिकारियों ने काफी मदद की थी तब जाकर लोगों तक राहत पहुंची। इसके लिए मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की समस्याओं का सरकार निदान करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी ऐसे ही सरकार का सहयोग करते रहेंगे। इस मौके पर पीसीएस संघ के पदाधिकारी व अधिकारी मौजूद रहें। दो दिवसीय इस सम्मेलन का समापन राज्यपाल राम नाईक करेंगे। पीसीएस संघ के सचिव पवन गंगवार ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शिरकत करने पर आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों को दिया तोहफा, पुरस्कार राशि 21 हजार की

विश्व विकलांग दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिव्यांगों को खास तोहफा दिया। मुख्यमंत्री ने सीएम आवास पर आयोजित एक समारोह में 30 दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल बांटी। साथ ही दृष्टि बाधित और श्रवण बाधित दिव्यांगों को उपकरण प्रदान किए। कृत्रिम अंग भी वितरित किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि पांच हजार से बढ़ाकर 21 हजार करने का ऐलान किया। पहले राज्य स्तरीय विकलांग पुरस्कार राशि पांच हजार दी जाती थी। इस मौके पर दिव्यांग बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। बच्चों की प्रतिभा देख मुख्यमंत्री सहित कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

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