अफवाहों का अड्डा सोशल मीडिया

रेशू वर्मा 

कुछ समय से फेसबुक पर एक अफवाह लगातार तैर रही है। इस अफवाह के तहत इस आशय की सूचनाएं फैलाई जा रही हैं कि फेसबुक पर जो कुछ भी निजी संवादए फोटो हैंए वो सबके सब सार्वजनिक हो जाएंगे। फेसबुक के बारे में फेसबुक पर ही चल रही इस अफवाह से साबित होता है कि फेसबुक सिर्फ सामाजिक संवाद का ही माध्यम नहीं हैए विकट अफवाहबाजी का माध्यम भी है। विकट चंडूखाना भी यहीं हैए मीडिया की दुनिया में जो खबर अविश्वसनीय मानी जाती हैए उसके बारे में कहा जाता है कि यह खबर चंडूखाने से आई है। चंडूखाना एक किस्म का नशेबाजी.अड्डा होता है। हाल में फेसबुक पर तमाम वालों पर आपको यह घोषणा देखने को मिल सकती है.मैं ये घोषणा करता हूं कि मैं फेसबुक को अपने किसी भी स्टेटसए फोटो या अन्य कोई भी जानकारी का इस्तेमाल करने से रोकता हूंए फेसबुक को ऐसा करने की अनुमति नहीं होगी।
पूरा फेसबुक इस आशय के संदेशों से भरा पड़ा है और मैसेज के अंत में इस आशय का एक नोट भी होता है कि यदि आप भी इस बात का सर्मथन करते हैं तो इस मैसेज को कॉपी.पेस्ट करके अपनी वाल पर लगाएं। अगर ऐसा कुछ सच में है तो ये बात बहुत ही गंभीर हैए विचारणीय है कि फेसबुक कैसे आपकी प्राइवेसी पर अपना हक जता सकता है और अगर फेसबुक ऐसा कर रहा हैए तो इसका भीषण विरोध होना ही चाहिए। फेसबुक पर तमाम संदेशों से यही साफ होता है कि फेसबुक पर लगभग हर व्यक्ति इस बात का सख्त विरोधी है कि उसके निजी संदेशए फोटो सार्वजनिक हो जाएं। इसका तो कड़ा विरोध होना ही चाहिएए पर दरअसल ऐसा कुछ है नहीं।
सवाल है कि क्या सच में फेसबुक में ऐसा कुछ होने जा रहा है कि हमारे फेसबुक अकाउंट की सारी सूचनाएं.फोटो का इस्तेमाल फेसबुक कंपनी अपने हिसाब से करेघ् हममें से ज्यादातर लोग भेड़.चाल में चलते हैंए हम किसी भी बात की तह तक न जाकर उसकी सच्चाई जाने बिना उसे मान लेते हैं। चूंकि सोशल मीडियाए फेसबुक पर संदेश फैलने की गति बहुत तेज है इसलिए अफवाहें भी उसी गति से फैलती हैंए जिस गति से प्रामाणिक खबरें फैलती हैं। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ हैए बहुत कम ने भी ये जानने की कोशिश नहीं की कि सच वास्तव में है क्या। कई लोगों ने फेसबुक से जुड़ी चेतावनियों को बगैर पूरे मसले को समझे अपनी वाल पर यह समझकर पोस्ट कर मारा है कि अगर हमने पोस्ट नहीं कि ये चेतावनीए तो हमें पिछड़ा हुआ मान लिया जाएगा।
हमारे बारे में ऐसा माना जाएगा कि हम तकनीक की दुनिया के घटनाक्रम से परिचित नहीं रहते। हमें पिछड़ाए गैर.जानकार मान लिया जाएगा। वैसे तो फेसबुक पर न जाने कितने मैसेज रोज कॉपी पेस्ट होते रहते हैंए लेकिन इस मामले ने इतना जोर पकड़ा कि फेसबुक को खुद आगे आकर यह कहना पड़ा कि इस तरह के मैसेज में कोई सच्चाई नहीं है। फेसबुक ऐसा कुछ भी नहीं करने जा रहा है यानी लोगों का अपने अकाउंट पर अधिकार उसी भांति रहेगा जैसा कि अभी है। यानी तमाम निजी सूचनाएं और फोटो सार्वजनिक नहीं होने जा रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम में जो एक बात निकलकर आई वो ये कि सोशल मीडिया सूचना फैलाने में तो मदद करता हैए लेकिन अफवाह उससे भी तेज फैलाता है और लोग चाहे राजनीति हो या स्वनीतिए भेड़.चाल में ही चलना पसंद करते हैं।
कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक मैसेज बहुत शेयर हुआ था कि संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़े संस्थान युनेस्को ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विश्व का सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री घोषित किया है। लोगों ने इस मैसेज को बिना सच जाने शेयर किया उस पर बात भी कीए लेकिन सच्चाई क्या थीए क्या सच में ऐसा कुछ किया गया थाए इसे जानने की कोशिश ही नहीं हुई। बिना पड़ताल किए शेयर करने को भी भेड़.चाल ही कहते हैं। पूरे दिन अनगिनत ऐसे मैसेज सोशल मीडिया पर घूमते रहते हैंए जिनकी सच्चाई जानने की हम कोशिश भी नहीं करते बस उस पर बात करना शुरू कर देते हैं। सोशल मीडिया आज के समय में एक ऐसा माध्यम हो गया है जहां अफवाह फैलाना सबसे आसान है। इंटरनेट और सोशल मीडिया की कुछ अहम बातें हैं जो कि इसको इस्तेमाल करने का ककहरा हैए और जिन्हें किसी भी ऑनलाइन माध्यम को इस्तेमाल करने से पहले याद रखना चाहिए। इंटरनेट और सोशल मीडिया ज्ञान और सूचनाओं का भंडार हैए लेकिन कौन सी सूचना सही है और कौन सी नहींए ये पता करना आपका कर्तव्य है। सही सूचना प्राप्त करने का सबसे आसान रास्ता है कि आप सूचना सही स्रोत से प्राप्त करें। जो भी अधिकृत वेबसाइट हैं उनके द्वारा दी गई सूचना को ही सही माना जाना चाहिएए न कि इंटरनेट पर उपलब्ध किसी भी सूचना को सही मान लें और इसके साथ ही एक जिम्मेदार नेटीजन होने के नाते ये आपकी जिम्मेदारी भी बनती है कि आप किसी भी अफवाह को आगे बढ़ाने में मदद न करें तो अब अगर आपके इस स्टेटस पर कि आप फेसबुक को इस बात की इजाजत नहीं देते कि वो आपकी प्राइवेसी में दखल देए
आपका कोई मित्र यह कमेंट कर दे कि आज रात फेसबुक का एक विमान निकलेगा और आप हरी पेंट और पीली शर्ट पहनकर अपनी छत से गुलाबी झंडा उसे दिखाएंगे और फेसबुक आपकी बात सुन लेगा। इस तरह की बातों पर प्रतिक्रिया जानने से पहले उनकी सच्चाई जानना जरूरी है। वैसे भी सोशल मीडिया या इंटरनेट पर कुछ भी अपडेट करने से पहले उस बात की गोपनीयता की गंभीरता के बारे में भली प्रकार सोच लेना चाहिए। क्योंकि ऑनलाइन सैकड़ों हैकर घूम रहे हैंए फेसबुक कंपनी भले ही आपकी सूचनाएं और फोटो न भी लेए कोई हैकर तो इसी फिराक में रहते हैं कि कब कोई सिरा हाथ लगे और कब वह आपकी गोपनीय जानकारियां चुरा लें।
इसके साथ.साथ अगर सोशल मीडिया पर आप अपनी फोटो और स्टेटस को लेकर चिंतित हैं कि वो आप सबके साथ शेयर नहीं करना चाहतेए तो सबसे पहले तो ये बात ध्यान में रखनी पड़ेगी कि एक बार जो चीज अपलोड हो गई वो आपके सीमा क्षेत्र से बाहर निकल जाती हैए लेकिन फिर भी सोशल मीडिया से लेकर हर ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कुछ सेटिंग होती हैंए जिनका इस्तेमाल करके आप अपने अकाउंट को कुछ हद तक सुरक्षित कर सकते हैंए लेकिन सोशल मीडिया पर किसी भी अफवाह को न फैलाना और उसमें किसी भी तरह की सहायता न करना आपका हमारा कर्तव्य है।

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