अपहरणकर्ताओं को लेकर बिहार में भटकती रही यूपी पुलिस

 गणेश जी वर्मा
Captureलखनऊ। बिहार के गया जनपद से डॉक्टर दम्पति के अपहरण के मामले में बिहार और यूपी पुलिस की अलग-अलग कथनी और करनी से अपहरणकर्ताओं को फायदा मिल सकता है। यूपी पुलिस अपने प्रदेश में भले ही पुलिसिया रोल में पेश आई होगी लेकिन बिहार में यूपी पुलिस की कुछ नहीं चल पाई। यूपी पुलिस टीम जहां अपहरणकर्ताओं को लेकर भटकती रही वहीं आरोपियों के रसूख के आगे नमतस्तक हुई। और बिना हथकड़ी लगाए ही कोर्ट में पेश कर दी। फिलहाल बिहार कोर्ट ने लखनऊ पुलिस के आवेदन को अस्वीकार करते हुए अपहरणकर्ताओं को बिहार पुलिस के हवाले कर दी।
बता दें कि डॉक्टर दम्पति अपहरणकांड में लिप्त अपहर्ता गिरोह के सरगना औरंगाबाद के अजय सिंह व उसके आठ साथियों को लखनऊ पुलिस ने शेरघाटी व्यवहार न्यायालय में प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट नरेंद्रपाल सिंह की अदालत में सभी अपहर्ताओं को पेश किया। कोर्ट ने सभी को शेरघाटी जेल भेजने का आदेश दिया। इस दौरान लखनऊ पुलिस ने आवेदन देकर जज से विनती की कि सभी अपहर्ताओं को लखनऊ कोर्ट में 20 मई को पेश करना है। इस कारण अपहर्ताओं को फिर लखनऊ ले जाने की अनुमति दी जाये। वहीं शेरघाटी डीएसपी अजय कुमार सिंह ने भी कोर्ट में सभी अपहर्ताओं को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए आवेदन दिया। अदालत ने लखनऊ पुलिस का आवेदन अस्वीकार कर दिया और डीएसपी की अर्जी को स्वीकार करते हुए अपहर्ताओं को पांच दिनों के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
रास्ता भटक कर डोभी पहुंची लखनऊ पुलिस
अंतरराज्यीय अपहरण गिरोह के सरगना अजय सिंह व उसके साथियों को लेकर लखनऊ पुलिस सोमवार की सुबह जीटी रोड होते गया जिले के इलाके में प्रवेश की। लेकिन बाराचट्टी थाने की पुलिस ने न ही लखनऊ पुलिस से संपर्क की और न ही कोई सहयोग की। जहां अपहर्ताओं को लेकर लखनऊ पुलिस रास्ता भटक गयी और डोभी पहुंच गयी। बाद में स्थानीय लोगों से पूछताछ कर लखनऊ पुलिस शेरघाटी पहुंची।
पेशी के दौरान देखने को मिली अजय की दबंगई
एक मई को झारखंड के गिरिडीह से लौटते समय अपहर्ताओं ने बाराचट्टी थाना क्षेत्र के जीटी रोड इलाके से डॉ पंकज गुप्ता व उनकी पत्नी शुभ्रा गुप्ता का अपहरण कर लिया था। गया पुलिस ने छह मई को स्थानीय पुलिस के सहयोग से लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र स्थित शारदा अपार्टमेंट के आर ब्लॉक के फ्लैट नंबर 906 में छापेमारी कर अपहर्ता गिरोह को पकड़ा था। गिरोह में सरगना औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाने के गोठानी के रहनेवाले रिटायर्ड डीएसपी मंगल सिंह का बेटा अजय सिंह व उसके आठ साथी थे। इनमें औरंगाबाद जिले के रफीगंज थाने के चितसारी निवासी विजय कुमार सिंह, हिकरी गांव निवासी अमित कुुमार सिंह, कजपा निवासी मृत्युंजय सिंह उर्फ बबलू, कोसमा थाने के छोटकी गम्हरिया निवासी सुनील कुमार सिंह, नवीनगर थाने के बेलाइन निवासी श्रवण कुमार, औरंगाबाद नगर थाने के निवासी अमित सिंह, रोहतास जिले के शिवसागर थाने के बंडी गांव निवासी अनिल सिंह व अकोढ़ीगोला निवासी राहुल उर्फ बिट्ट हैं। सरगना अजय केंद्रीय मंत्री का दामाद भी बताया जाता है।

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