अपने बयान से दो मिनट में ही पलट गये डीजीपी साहब!

गोल्ड पाने वाले दारोगा और इंस्पेक्टरों को थानाध्यक्ष बनाने का मामला

4पीCaptureएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अपनी बात कहने के बाद कैसे पलटा जाता है इसका उदाहरण पुलिस लाइन में उस समय देखने को मिला जब डीजीपी जगमोहन यादव अनुसंधान प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत कर रहे थे। पुरस्कार देने के बाद पुलिसकर्मियों को सम्बोधित करते हुये श्री यादव ने कहा कि गोल्ड मेडल पाने वाले दारोगा और इंस्पेक्टरों को थाने का चार्ज क्यों नहीं दिया गया है इसके बारे में वह सम्बंधित जनपद के पुलिस अधीक्षकों से बात करेंगे। लेकिन पुरस्कार देने के बाद मीडिया को सम्बोधित करते हुये कहा कि थानाध्यक्ष बनने के और भी कई मापदंड हैं। सिर्फ गोल्ड पाने से ही थाने का चार्ज नहीं मिल सकता है। कुल मिलाकर यदि यह कहा जाये कि डीजीपी साहब दो मिनट में ही अपनी बातों से पलट गये तो यह गलत न होगा।
बता दें कि 59वीं उत्तर प्रदेश पुलिस वार्षिक वैज्ञानिक अनुसंधान पुलिस फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, कम्प्यूटर एवं एंटी सेबोटाज चेक तीन दिवसीय प्रतियोगिता का रिजर्व पुलिस लाइन में समापन हुआ। समापन के दौरान मुख्य अतिथि डीजीपी जगमोहन यादव ने विजेता और उपविजेता टीम को ट्रॉफी जबकि प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वालों को गोल्ड, सिल्वर और कांस्य पदक देकर सम्मानित किया। सम्बोधन के दौरान उन्होंने कहा कि यहां मौजूद पुलिसकर्मियों में कोई भी थानाध्यक्ष नहीं है। पुलिस अधिकारी सिर्फ मैनेजमेंट बनाए रखने में ध्यान दे रहे हैं जबकि सच्ची सेवा वो कर रहे हैं जो बिना किसी जुगाड़ के महकमे में हैं। यही नहीं अपने मातहतों के काम से नाखुश दिखे पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव न चाहते हुए भी कह गए कि वह आज कल की तफ्तीश से असंतुष्ट हैं। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने श्री यादव को स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। प्रतियोगिता में एडीजी आर के विश्वकर्मा, आईजी जय नरायन सिंह, निदेशक डॉ. श्याम बिहारी उपाध्याय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

यह टीमें हुई विजेता और उपविजेता
द्य वैज्ञानिक अनुसंधान टीम चैम्पियनशिप की विजेता मेरठ जोन रहा जबकि उपविजेता गोरखपुर जोन रहा।
द्य प्रोफेशनल, विवेचन पुलिस फोटोग्राफी टीम चैम्पियनशिप की विजेता बरेली जोन बना। जबकि उपविजेता का खिताब रेडियो जोन को मिला।
द्य कम्प्यूटर प्रतियोगिता टीम चैम्पियनशिप की विजेता रेडियो पश्चिमी जोन रहा। जबकि उपविजेता पीएसी पश्चिमी जोन रहा।
द्य एंटी सेबोटाज चेक टीम चैम्पियनशिप का खिताब पीएसी पूर्वी जोन को मिला। जबकि उपविजेता लखनऊ जोन रहा।

इनको मिला दो गोल्ड
मेरठ जोन के उपनिरिक्षक अमित राठी को विधि विज्ञान लिखित प्रतियोगिता और क्राइम इंवेस्टीगेशन, क्रिमिनल लाज, रुल्स एंड प्रोजीसर्स एंड कोर्ट जजमेंट लिखित प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल मिला। जबकि जबकि मेरठ जोन के ही उपनिरीक्षक विरेन्द्र सिंह को विधि विज्ञान लिखित प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल और प्रदर्शों की पैकिंग, लेबलिंग एवं फारवर्डिंग में गोल्ड मेडल मिला। विरेन्द्र सिंह ने फोटोग्राफी विवेचक में भी द्वितीय सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके अलावा अंगुल चिन्ह प्रतियोगिता एवं मौखिक में गोरखपुर जोन के निरीक्षक मशकूर आलम को गोल्ड मेडल मिला। फोटोग्राफी विवेचक में मशकूर आलम को गोल्ड मेडल और प्रदर्शों की पैकिंग, लेबलिंग एवं फारवर्डिंग में तृतीय स्थान हासिल किया।

Pin It