अपनी मांगों को लेकर ई-रिक्शा चालकों ने किया थाने का घेराव

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिलाधिकारी के आदेश को गंभीरता से लेकर रविवार को भी आरटीओ दफ्तर खोलकर पंजीकरण कराया गया। इस दौरान 19 लोगों ने अपने वाहन का पंजीकरण करवाया। इसके अलावा अवैध रूप से शहर में चल रहे 350 ऑटो व टैम्पों का परमिट निरस्त किया गया। इससे नाराज ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन पर उत्पीडऩ का आरोप लगाकर सआदतगंज थाने का घेराव किया।
आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन पर उत्पीडऩ का आरोप लगाया। ई-रिक्शा कमेटी के अध्यक्ष घनश्याम श्रीवास्तव ने बताया कि 19 नवंबर को परिवहन आयुक्त ने आश्वासन दिया था कि ई-रिक्शा पंजीकरण एकमुश्त की जगह वार्षिक शुल्क लेकर किया जाएगा। इससे गरीब ई-रिक्शा चालक अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। परिवहन आयुक्त ने इतने दिन बीतने के बावजूद अब तक इस आश्वासन से संबंधित कोई निर्णय नहीं लिया है। जबकि यह आदेश जारी कर दिया गया है कि अवैध रूप से चल रहे करीब पांच हजार ई रिक्शा शहर से बाहर किए जाएंगे। गरीब ई-रिक्शा चालकों से प्रतिदिन धन उगाही की शिकायतें मिल रही हैं। अवैध डीलर गरीब लोगों को ई-रिक्शा बेचकर गायब हो रहे हैं, इसके बाद पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई का शिकार गरीब रिक्शा चालक हो रहे हैं। इस अवसर पर पार्टी के जिला संयोजक गौरव महेश्वरी ने कहा कि यदि ई-रिक्शा चालकों का उत्पीडऩ बंद नहीं किया गया तो प्रशासनिक उत्पीडऩ के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। वहीं एआरटीओ प्रशासन ऋतु सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा की खरीद से पहले लर्निग लाइसेंस बनवाना जरूरी है।

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