अत्मनिर्भर बनें लड़कियां : जरीना

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureखनऊ। जब तक महिलाएं शिक्षित व आत्म निर्भर नही होगी तब तक उनके ऊपर अत्याचार होता रहेगा। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्हें रोजपरक शिक्षा दिलाए। जब तक पुरुष अपनी सोच नहीं बदलेंगे समाज में महिला हिंसा नहीं खत्म होगा।
उक्त बातें महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने लखनऊ विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में नारी शक्ति संस्था के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित अल्का स्मृति दिवस के मौके पर नारी शक्ति को सम्बोधित करते हुए कहा। कार्यक्रम में अल्का समेत अन्य दहेज की बलि वेदी पर चढ़ी युवतियों को श्रद्धांजलि दी गई। दरअसल अल्का की दहेज के लिए हत्या कर दी गई थी।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अल्का के चित्र पर माल्यार्पण करके सभी ने उन्हें श्रद्घा सुमन अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर सुलभा निमसे ने कहा कि महिलाओं के हित में अनेक योजनाएं है। उसका क्रियान्वयन सही तरीके से कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। प्रो. कामना सिंह ने कहा महिलाओं के ऊपर हिंसा बढऩे का एक कारण आर्थिक रुप से उनका पिछड़ापन भी है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डा. अल्पना बाजपेयी ने कहा जितना समाज विकसित हो रहा है, सुख साधन बढ़ रहे हैं, तकनीकी का विकास हो रहा है उतना ही तेजी से महिला अपराध भी बढ़ रहे हैं। शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं चीफ प्रोवोस्ट प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा की वर्तमान में महिला हिंसा के स्वरुप को देखकर यकीन नहीं होता है। बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उच्च शिक्षा दिलायी जा रही है। लेकिन बाहर कही तेजाब की घटनाएं तो कही बलात्कार की घटनाएं उनके साथ हो जाती है। जो बहुत ही निंदनीय है। पुरुष समाज को ही इसमें सुधार व बदलने के लिए आगे बढऩा होगा।
शारीरिक शिक्षा विभाग एमपीएड के कोआर्डीनेटर डा. नीरज जैन ने महिलाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सारा जैसी शिक्षित लड़कियां भी जब अच्छे- बुरे का फैसला नही कर पाती है। तब लगता है कहीं न कहीं महिलाओं को और शिक्षित करने की जरुरत है, जिससे वह सही और गलत का निर्णय ले सके। इस अवसर पर शालिनी माथुर ने कहा लड़कियों को लडक़ों के साथ मिल कर आगे बढऩा होगा । साथ ही लोगों की सोच को भी बदलना होगा। इस अवसर पर विवि के शिक्षिका किरन,ममता सिंह,आरती,केसी पाण्डे, नलिनी, मधुरिमा, अनीता, निर्मला, शशिकला, शोभित, शबाना, आशा, अजय पाल, सुमन्त पाण्डे , मो.तारिक सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर छात्रों ने नाटक के माध्यम से श्रद्घांजलि दी।

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