अखिलेश के चेहरे और शिवपाल की रणनीति पर चुनाव लड़ेगी सपा

शिवपाल यादव को यूपी का प्रभारी बनाकर सपा ने विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाई
अखिलेश ही होंगे पार्टी का चेहरा, युवाओं को करेंगे आकर्षित अधिकांश सीटों
पर युवाओं को उतारने की रणनीति तैयार कर रही है सपा

LK14पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। शिवपाल यादव को यूपी का प्रभारी बनाकर उनके राजनीतिक कौशल का लाभ उठाया जाएगा। वहीं अखिलेश यादव के चेहरे को आगे करके युवाओं को आकर्षित करने की रणनीति तैयार की जा रही है। इस बार समाजवादी पार्टी कुछ और बड़े बदलाव भी कर रही है। पार्टी ने हर बार चुनाव से पहले मुस्लिमों के हितों की बड़ी घोषणाएं करके उन्हें संदेश दिया है कि पार्टी उनके साथ खड़ी है, मगर इस बार पार्टी ने इससे बचने का फैसला किया है। लोकसभा चुनाव में इस संदेश के बाद जिस तरह से हिन्दू मतदाता एक मंच पर आ गए और सपा की फजीहत हो गई उसके बाद पार्टी ने यह तय किया कि अब वह ऐसा कोई संदेश नहीं देगी, जिससे भाजपा को फायदा हो।
यही कारण है कि अल्पसंख्यकों के लिए अच्छी योजनाएं बनाने के साथ-साथ हिन्दुओं को आकर्षित करने के लिए समाजवादी श्रवण यात्रा जैसे कार्यक्रम शुरू करके सीएम अखिलेश यादव ने संकेत दिया कि वह सभी धर्मों के लिए काम कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी अपनी इस रणनीति में कामयाब होगी या नहीं। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव यह बात भलीभांति जानते हैं कि रणनीति बनाने में उनके अनुज शिवपाल यादव का कोई सानी नहीं है। पार्टी में बगावत रोकनी हो या फिर विद्रोहियों को कड़ा संदेश देना हो, शिवपाल यादव इसमें माहिर माने जाते हैं। पिछले चार सालों में उन्होंने अपने विभाग में उल्लेखनीय काम भी किए और कोई विवाद पैदा नहीं होने दिया। पंचायत चुनाव में उनकी रणनीति देखकर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी इस बार भी विधानसभा में उन्हीं की रणनीति को दोहराने का फैसला किया है। नेताजी यह भी जानते हैं कि जनता में और खासतौर से युवा, अगर उनके परिवार में किसी को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं तो वह अखिलेश यादव ही हैं। चार साल के उनके मुख्यमंत्रित्व काल में उन पर कोई आरोप नहीं लगा और विरोधी भी सीएम के अच्छे व्यवहार की तारीफ करते हैं, यही कारण कि सपा उन दोनों पर अपना दांव खेलने जा रही है।

लातूर को राहत पहुंचाने पहुंची पहली ‘वाटर ट्रेन’

देश के दस राज्यों में गहराया सूखे का संकट, सूखाग्रस्त क्षेत्रों से लोग कर रहे हैं पलायन
लातूर में पानी को लेकर संघर्ष रोकने के लिए तालाब के पास लागू है धारा 144
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में बंदूकों के सहारे की जा रही है पानी की निगरानी
आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी सूखे से हैं बेहाल

लखनऊ। सूखे से जूझ रहे महाराष्टï्र के लातूर को राहत पहुंचाने के लिए आज सुबह पहली ‘वाटर ट्रेन’ यहां पहुंच गई। इस ट्रेन ने 350 किलोमीटर की दूरी 18 घंटे में तय की। हालांकि लोगों तक इसका पानी काफी देर से पहुंच पाएगा। पहले इस पानी को फिल्टर किया जाएगा। ट्रेन से कुल पांच लाख लीटर पानी भेजा गया है। देश के दस राज्य सूखे की मार झेल रहे हैं। उनमें महाराष्टï्र के लातूर की हालत सबसे ज्यादा खराब है। लातूर में पानी की किल्लत होने के चलते धारा 144 लागू है। वहीं उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड में भी पानी की इतनी ज्यादा किल्लत हो गई है कि वहां बंदूकों के सहारे पानी की निगरानी की जा रही है।
महाराष्टï्र लगातार चौथी बार सूखे का सामना कर रहा है। महाराष्टï्र में साल 2016 में हर महीने करीब 90 किसानों ने सुसाइड किया। महाराष्ट्र में सूखे की मार सबसे ज्यादा मराठवाड़ा क्षेत्र में पड़ी है। सबसे ज्यादा असर औरंगाबाद, लातूर और विदर्भ के जिलों में देखने को मिल रहा है। कई तालाबों और नदियों में पानी 4 प्रतिशत से भी कम बचा है। महाराष्टï्र के मराठवाड़ा में नदी और डैम पूरी तरह से सूख चुके हैं। लातूर शहर में पानी को लेकर संघर्ष रोकने के लिए तालाब के पास धारा 144 लगा दी गई है। पानी के टैंकरों से इलाके के लोगों की प्यास बुझाई जा रही है। खरीफ के मौसम में पूरे महाराष्ट्र में करीब 15750 गांव सूखे से बुरी तरह प्रभावित हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने 3049 करोड़ रुपए राहत के लिए मंजूर किए हैं। केंद्र की ओर से मिलने वाली यह अब तक की सबसे बड़ी मदद है। इसी प्रकार आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ राज्यों में भी कुछ जिलों में सूखे की मार से लोग बेहाल है। उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर की हालत बहुत खराब है। वहां बंदूकों के सहारे पानी की निगरानी की जा रही है। आज सुबह लातूर में ‘वाटर ट्रेन’ पहुंची तो लोगों ने राहत की सांस ली। राजनीतिक दलों ने भी मोदी के इस कदम की सराहना की। ऐसी ही दूसरी ट्रेन 15 तारीख को रवाना होगी।

केजरीवाल भी हुए मोदी के मुरीद, सहयोग करने के लिए की पेशकश
मोदी सरकार पर अक्सर हमला बोलने वाले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज मोदी की खुलकर तारीफ की। दरअसल सूखे की मार झेल रहे मराठवाड़ा के लातूर क्षेत्र में आज सुबह तडक़े पांच लाख लीटर पानी लेकर ट्रेन पहुंची। पानी से भरे 10 वैगन के साथ वाटर ट्रेन सोमवार को मिराज से रवाना हुई थी। केजरीवाल ने सरकार की तारीफ करते हुए ट्रेन के लातूर पहुंचने पर स्वागत किया है। केजरीवाल ने पीएम मोदी को चि_ी लिखकर लातूर में ट्रेन से पानी भेजे जाने के काम की सराहना करते हुए कहा- दिल्ली भी इस काम सहयोग करना चाहती है। अगर पीएम पानी भेजने का इंतजाम करवा दें तो हम भी लातूर में मदद के लिए पानी भेजने को तैयार हैं। इससे पहले केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से अपील की है कि वे महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित लातूर शहर के लिए पानी बचाएं। उन्होंने कहा कि लातूर में गंभीर जल संकट है। हम सबको मदद करनी चाहिए। क्या दिल्लीवासी प्रतिदिन कुछ पानी बचाने और इसे लातूर के लोगों को भेजने के लिए तैयार हैं? केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली सरकार लातूर के भाई बहनों के लिए रोजाना 2 महीने तक 10 लाख लीटर पानी देने को तैयार है।

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