अखिलेश की सपा: अमर सिंह बर्खास्त, शिवपाल यादव हटे नेताजी की सपा: रामगोपाल बर्खास्त

अधिवेशन में अखिलेश को सौंपी गई पार्टी की कमान मुलायम सिंह को घोषित किया गया मार्गदर्शक
पास किए गए तीन अहम प्रस्ताव, बैनर-पोस्टर्स में नहीं मिली शिवपाल को जगह
राष्टï्रीय अधिवेशन को सपा मुखिया ने बताया असंवैधानिक
5 जनवरी को जनेश्वर मिश्र पार्क में सपा मुखिया ने बुलाई है संसदीय बोर्ड की बैठक
अधिवेशन में हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं ने लिया भाग, हर तरफ दिखा उत्साह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

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लखनऊ। सपा परिवार मे पिता-पुत्र की एकता के संदेश को चौबीस घंटे भी नही बीते थे कि नेता जी फिर पलटी मार गये। कल तक सम्मेलन में जाने को तैयार सपा मुखिया मुलायम सिंह ने सम्मेलन को असंवैधानिक बताते हुए इसमें जाने वालों के खिलाफ कार्यवाही का खत जारी कर दिया। इसके बाद वही हुआ जो होना तय था। आज जनेश्वर मिश्र पार्क में सपा के राष्टï्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाते हुए अमर सिंह को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया। वहीं शिवपाल सिंह यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तेजतर्रार सांसद धर्मेन्द्र यादव को मिलेगी। वहीं आज शिवपाल यादव अपने बेटे आदित्य और अंबिका चौधरी के साथ नेताजी से मुलाकात की। सपा मुखिया ने आज पत्र जारी कर रामगोपाल यादव को फिर छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। उन्होंने पांच जनवरी को जनेश्वर मिश्र पार्क में संसदीय बोर्ड की बैठक बुलायी है। एक बात तो हैं कि जिस तरह कल पूरी पार्टी अखिलेश के साथ दिखायी दी उससे साफ है कि अब अखिलेश के खिलाफ बहुमत नही जा सकता।
नेताजी ने रातोंरात फिर पाला क्यों बदला इस पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है। कुछ लोगों का कहना है अमर सिंह ने कल उन्हें फोन करके सीबीआई का डर दिखाया तो कुछ का मानना था कि शिवपाल सुबह नेता जी के घर जाकर उनसे खत पर हस्ताक्षर करवा लाये। इससे पहले सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने इस अधिवेशन को असंवैधानिक करार देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से इसमें शामिल नहीं होने को कहा था। हालांकि उनकी यह अपील सपा कार्यकताओं द्वारा अनसुनी कर दी गई।
आज जनेश्वर मिश्र पार्क मेें समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों के राष्ट्रीय अधिवेशन में रामगोपाल यादव ने नेताजी मुलायम सिंह को पार्टी का मार्गदर्शक और उनकी जगह अखिलेश यादव को पार्टी का राष्टï्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया। इसके साथ ही उन्होंने शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद तथा अमर सिंह को पार्टी से हटाने का भी प्रस्ताव कार्यकर्ताओं के ध्वनि मत से पास किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रामगोपाल यादव ने कहा, दो लोगों ने साजिश कर अखिलेश को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया। ये लोग नहीं चाहते थे कि अखिलेश फिर से मुख्यमंत्री बनें। इसके बाद रामगोपाल ने अखिलेश यादव को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय और संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पास किया और कहा कि जल्द ही निर्वाचन आयोग को इस बारे में सूचित किया जाएगा।
अधिवेशन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम अखिलेश यादव ने कहा, नेताजी या पार्टी के खिलाफ कोई साजिश होती है तो साजिश करने वालों के खिलाफ खड़ा होना मेरी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि नेताजी ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया था और इन लोगों ने मेरे खिलाफ साजिश करके न केवल पार्टी को नुकसान पहुंचाने का काम किया, बल्कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने भी संकट पैदा किया। उन्होंने कहा मैं नेताजी का जितना सम्मान पहले करता था, उससे आगे राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर कहीं ज्यादा सम्मान करूंगा। नेताजी का जो स्थान है, वह सबसे बड़ा स्थान है। मैं नेताजी का बेटा हूं और रहूंगा। ये रिश्ता कोई खत्म नहीं कर सकता। परिवार के लोगों को बचाना पड़ेगा तो वह करूंगा। सीएम ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अधिवेशन में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।

धर्मेन्द्र को दी जाए यूपी की कमान
अधिवेशन में सभी लोगों का मन था कि यूपी की कमान धर्मेन्द्र यादव को दी जाए। धर्मेंद्र संगठन चलाने में अपनी खास पहचान रखते हैं। आजमगढ़ चुनाव में भी जब नेताजी मुसीबत में थे तो धर्मेन्द्र ने ही वहां जाकर कमान संभाली थी और रातोंरात तस्वीर बदल दी थी। अपने विनम्र स्वभाव के लिए मशहूर धर्मेन्द्र लोकसभा में भी शानदार पहचान छोड़ चुके है।

 
 
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