अखिलेश और मुलायम के आवास के बाहर देर रात तक जुटे रहे समर्थक, हंगामा

5 केडी के बाहर जुटे समर्थकों ने शिवपाल यादव और मुलायम सिंह के खिलाफ की नारेबाजी
अमर सिंह और बेनी प्रसाद वर्मा पर पार्टी को बर्बाद करने की साजिश रचने का लगाया आरोप, पार्टी से निष्कासित करने की मांग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार की शाम एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव को अनुशासन हीनता के आरोप में 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा कर दी। इस बात की जानकारी होते ही अखिलेश यादव के हजारों समर्थक सीएम आवास पहुंच गये। वहां अखिलेश और रामगोपाल के समर्थन और मुलायम, शिवपाल व अमर सिंह के विरोध में नारे लगाने लगे। यह पहला मौका था, जब सपा कार्यकर्ताओं ने नेताजी के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं उग्र समर्थकों में से एक राहुल सिंह ने खुद को आग लगा ली। इतना ही नहीं समर्थकों ने अमर सिंह को दलाल और शिवपाल व बेनी प्रसाद वर्मा को साजिशकर्ता बताया। अखिलेश समर्थकों ने अमर सिंह और बेनी प्रसाद वर्मा को तत्काल पार्टी के निकाले जाने की मांग की। जबकि सीएम आवास पहुंचे डीजीपी जावीद अहमद और मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रदेश भर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया। प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकर्ताओं के उग्र प्रदर्शन की आशंका पर पुलिस और प्रशासन को मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाले जाने की घोषणा के साथ ही कार्यकर्ता भी दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं। अखिलेश समर्थकों ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ नारेबाजी की। शिवपाल और अमर सिंह के पोस्टर फाड़े। उनमें आग लगा दी। सीएम समर्थकों ने घने कोहरे और शीतलहर के बावजूद ठंड में कपड़े निकालकर प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव के समर्थक राहुल सिंह ने खुद को आग लगा ली। उसको पुलिस ने बड़ी मुश्किल से बचाया और सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया है। पूरे इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात है। 5केडी पर समर्थकों का जमावड़ा देर रात तक लगा रहा। हालांकि अखिलेश यादव ने साफतौर पर कहा है कि वो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगे। लेकिन उन्होंने राज्यपाल से भी मिलने का समय मांगा है, ऐसे में जानकारों का ये कहना है कि शायद वो पहले विधायकों के समर्थन का अंदाजा लगाना चाहते हैं।
मुलायम की प्रेस कांफ्रेंस के बाद बिगड़ा माहौल
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह की तरफ से श्ुाक्रवार की शाम सबसे पहले रामगोपाल यादव और अखिलेश यादव को कारण बताओ नोटिस दिया गया । उसके कुछ देर बाद ही मुलायम सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस करके दोनों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा कर दी। खास बात यह रही कि शिवपाल ने पत्र जारी हुए बिना अखिलेश को पार्टी से निकाले जाने की बात मीडिया के सामने कही थी। ये कार्रवाई गुरुवार को अखिलेश यादव की ओर से घोषित उम्मीदवारों की लिस्ट के कारण की गई। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया है। इसलिए सपा और यादव परिवार के बीच चल रहा दंगल घमासान का रूप ले चुका है। वहीं शिवपाल यादव ने राम गोपाल की तरफ से कल बुलाये गये राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। लेकिन सबकी निगाहें सीएम के फैसले पर
टिकीं हैं।

मुलायम को संविधान की जानकारी नहीं: राम गोपाल यादव
सपा से बर्खास्तगी के बाद प्रो. राम गोपाल यादव ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि मुलायम सिंह ने जो कुछ भी किया है, वह न्याय के नैसर्गिक सिद्घांतों के खिलाफ है। यदि हमने अनुशासनहीनता की थी, तो नोटिस भेजने और जवाब मिलने का इंतजार करना चाहिए था लेकिन नोटिस जारी करने के कुछ ही घंटों बाद पार्टी से निकालने की घोषणा कर दी गई। मुलायम का यह फैसला पूरी तरह असंवैधानिक और गलत तथ्यों पर आधारित है।

ममता ने किया अखिलेश का समर्थन
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने यूपी के सियासी घटनाक्रम को गंभीरता से लेकर अखिलेश यादव से फोन पर बात की है। उन्होंने अखिलेश से कहा, बतौर सीएम आपने अच्छा काम किया है। आप सही हो, डटे रहो, पीछे हटने की जरूरत नहीं है।

मुलायम ने बेटे अखिलेश को लेकर कहीं आठ प्रमुख बातें
1- मैंने अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाया। इतिहास में ऐसा किसी ने नहीं किया था।
2- मैंने उसे सीएम इसलिए बनाया क्योंकि फिर वह कभी नहीं बन पाता।
3- अखिलेश का भविष्य रामगोपाल ने खत्म किया। उसी ने अखिलेश को भडक़ाया, लेकिन वह समझ नहीं पाया।
4- अखिलेश ने अपना भविष्य ख़ुद खराब कर लिया। उसे समझना चाहिए था।
5- अब मैं तय करुंगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा।
6- अखिलेश मुझसे माफी क्यों मांगेगा? नहीं पता वह पिता मानता भी है या नहीं।
7- मैंने जीतने वाले उम्मीदवार खड़े किए थे ताकि वह फिर से सीएम बन सके।
8- अखिलेश ने पार्टी को कमजोर किया।

कांग्रेस ने किया अखिलेश का समर्थन
यूपी के सियासी घटनाक्रम को ध्यान में रखकर कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का खुलकर समर्थन किया है। कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने अखिलेश यादव की बर्खास्तगी को दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने अच्छा काम किया है, सपा के असली नेता वही हैं।

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