अखलाक की हत्या, उन्माद की नई प्रयोगशाला

दादरी बना नेताओं का पर्यटन केन्द्र, आज पहुंचे केजरीवाल

B2मंदिर के लाउडस्पीकर से भजन की जगह एलान हुआ उन्माद का
गऊ मांस रखे होने की झूठी सूचना देकर मार दिया गया निर्दोष अ$खलाक को

मंदिर के लाउडस्पीकर के बहाने पहले भी तनाव फैलाने की हो चुकी है साजिश
मीट कारोबार पर भाजपा उठाती है ऊंगली पर मोदी के पीएम बनने के बाद इस कारोबार में हुई १०त्न वृद्धि

यूपी के तनाव का फायदा बिहार के चुनाव में उठाने की रणनीति

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मंदिर के लाउडस्पीकर से भजन कीर्तन की आवाज से पूरा वातावरण ईश्वर भक्ति में डूब जाता था। मगर कुछ सिरफिरे लोग अब इसी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल उन्माद फैलाने के लिए करने में जुट गए हैं। मुरादाबाद के कांठ इलाके में मंदिर के लाउडस्पीकर उतारे जाने को लेकर पूरी यूपी में सांम्प्रादायिक तनाव फैलाने की कोशिश पहले भी की गई थी। इसी कथा का पार्ट-2 दादरी में दोहराया गया। मंदिर के लाउडस्पीकर से ऐलान किया गया कि अ$खलाक के घर में गऊ मांस रखा है। इसके बाद उन्मादी भीड़ ने अ$खलाक के घर धावा बोलकर उसकी हत्या कर दी और उसके बेटे को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिस घटना ने पूरे देश की आत्मा को झकझोर दिया उस घटना को केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा हादसा बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर गाय के मांस को लेकर उन्माद फैलाकर इसका फायदा बिहार के चुनाव में उठाने की रणनीति बनाई जा रही है। चुनाव से पहले इस तरह की उन्माद फैलाना कोई नई बात नहीं है। इस घटना के बाद दादरी नेताओं का पर्यटन स्थल बन गया है, जहां सभी राजनेता पहुंचकर अपनी सहानुभूति दिखाकर अपने वोट बैंक को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।
अ$खलाक की मौत के बाद इसका फायदा उठाने के लिए राजनेताओं में होड़ मच गई। मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में जुटे सांसद असदुद्दीन ओवैशी ने प्रदेश सरकार को घेरा तो दूसरी ओर भाजपा के केन्द्रीय मंत्री ने इसे हादसा बताकर विवाद को जन्म दे दिया। सीएम अखिलेश यादव ने मृतक के परिजनों को दस लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की।
दादरी में अभी भी राजनेताओं का आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। आज सुबह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी मृतक के परिजनों से मिलने पहुंच गए। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्रशासन ने उनको गांव के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी है। आज मीडिया का गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
उधर गोमांस को लेकर फेसबुक और वाह्टएप पर भावनाएं भडक़ाने का काम शुरू हो गया है। रणनीति यह है कि बिहार चुनाव से पहले इस बहाने फिर हिन्दुत्व का मुद्दा गरम किया जाए।

सीएम ने कहा, क्यों नहीं मीट पर लगाते प्रतिबंध

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दादरी कांड पर केन्द्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव से पहले पिंक रेव्यूलेशन की बात करने वाले लोग अब गोमांस पर पाबंदी क्यों नहीं लगा देते। सीएम ने ऐसा कहकर भाजपा की जबरदस्त घेराबंदी कर दी है। लोक सभा चुनाव से पहले नरेन्द्र मोदी ने कई जनसभाओं में पिंक रेव्यूलेशन का जिक्र करके अल्पसंख्यकों के इस कारोबार पर निशाना साधकर हिन्दू मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की थी। गाय वध पर आन्दोलन खड़ा करने वाली भाजपा अब सरकार बनने पर मांस के कारोबार को बंद करने की सोच भी नहीं रही हैं क्योंकि भारत दुनियां के उन देशों में शामिल हैं जहां मांस का सबसे बड़ा निर्यात होता है। 25000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार से बड़ा फायदा उठाने वाली मोदी सरकार अब अपने इस मुनाफे को खोना नहीं चाहती। मजे की बात यह है कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद मांस के कारोबार में दस प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मैं इस घटना की निंदा करता हूँ। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इस घटना की पूरी जिम्मेदार यूपी सरकार है। यह सरकार सिर्फ एक ही पशु चोरी करने वालों को पकडऩे में कामयाब हो पायी वो रामपुर के सरताज की भैसों का मामला था ।
(लक्ष्मीकांत बाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष, बीजेपी )

दंगा कराओ और राज करो यही बीजेपी का एजेंडा है। यूपी और बिहार दोनों जगह दंगे की रणनीति से चुनाव जीतना चाहती है। यही गुजरात में भी किया इन लोगो ने ।
(मधुसूदन मिस्त्री, प्रभारी यूपी, कांग्रेस)

यूपी में आतंकी घटना की साजिश, फर्रूखाबाद स्टेशन पर मिला बम, शताब्दी में बम की सूचना

फर्रूखाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर मिला बम
सुबह 6:45 बजे मिली प्लेटफार्म पर बम रखे जाने की सूचना
अलीगढ़ में बम की सूचना पर रोकी गई शताब्दी एक्सप्रेस
यूपी में आतंकियों के निशाने पर ट्रेनें

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश आतंकियों के निशाने पर है। प्रदेश को दहलाने की खातिर दो दिन के अंदर दो बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया गया। इसके साथ ही कई छिटपुट घटनाएं भी हुई हैं। इसमें मोहनलालगंज में रेल की पटरी काटने और फर्रूखाबाद में रेलवे स्टेशन पर पार्सल घर के पास बम रखने का मामला अत्यंत गंभीर है। इसके साथ ही अलीगढ़ में पार्सल घर और वेटिंग रूम में बम होने की सूचना, शताब्दी एक्सप्रेस में बम की सूचना और गोरखपुर-मुंबई एक्सप्रेस के जनरल कोच में आग लगने पर ट्रेन को अमौसी में रोक दिया गया है। इस कारण प्रदेश भर के सभी स्टेशनों पर हाई एलर्ट जारी कर दिया गया है। ट्रेनों में भी डॉग स्क्वायड के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
उत्तर पूर्व रेलवे के डीआरएम चन्द्र मोहन के मुताबिक फर्रूखाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर सुबह 6:45 बजे बम रखे होने की सूचना मिली। इसके तत्काल बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंच गई। रेलवे स्टेशन और आस-पास के क्षेत्रों को खाली करवा दिया गया। इसके साथ ही बम स्क्वायड दस्ते को भी सूचित कर दिया गया है। बम स्क्वायड की टीम को कानपुर से बुलाया गया है। फिलहाल दीवार से सटा कर रखे गये बम से लगातार बीप की आवाज आ रही है। इसलिए रेलवे की सारी टीम स्टेशन पर सघन तलाशी अभियान चला रही है। इसके साथ ही अन्य स्टेशनों पर भी सघन तलाशी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने का आदेश दे दिया गया है।
प्रदेश में दो दिनों के अंदर दो बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनसे स्पष्ट है कि आतंकियों के निशाने पर उत्तर प्रदेश है। आतंकी ट्रेनों को अपना निशाना बना रहे हैं। इसी वजह से सबसे पहले मोहनलालगंज में रेल की पटरी को काटकर बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई लेकिन ड्राइवर की मुस्तैदी से बड़ा हादसा होने से बच गया। दरअसल लखनऊ-रायबरेली रेलवे ट्रैक पर शुक्रवार को कनकहा-मोहनलालगंज के बीच ट्रैक से 50 सेंटीमीटर पटरी काटी गई थी। इसी दौरान प्रयाग पैसेंजर ट्रेन ट्रैक से गुजरी। ड्राइवर ने ट्रैक से आने वाली आवाज पर संदेह कर ट्रेन को रोक दिया और पटरी की जांच पड़ताल की तो घटना का पता लगा। इसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम को जानकारी दी गई। इस घटना में इंजन का फ्यूल टैंक डैमेज हुआ। फिलहाल एटीएस और एसटीएफ की टीम मामले की जांच कर रही है। आईजी एसटीएफ सुजीत पांडेय के मुताबिक ट्रेन को डिरेल करने की साजिश की गई थी। इसमें सिमी आतंकियों की साजिश की आशंका जताई जा रही है।
फर्रूखाबाद में डाग स्क्वायड की टीम नहीं होने के कारण बम को निष्क्रिय करने का इंतजार किया जा रहा था। इस बात को गंभीरता से लेकर रेलवे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सेना से संपर्क किया है। इसका मकसद सेना की मदद से जल्द से जल्द प्लेटफार्म पर रखे बम को निष्क्रिय करना है। वहीं बम की सूचना से यात्रियों में दहशत का माहौल व्याप्त है। जिन ट्रेनों को फर्रूखाबाद में प्लेटफार्म नंबर एक और दो से होकर गुजरना था, उनको फिलहाल स्टेशन की सघन तलाशी का काम पूरा होने और बम निष्क्रिय होने के बाद तक रोक दिया गया है। इस वजह से बहुत से लोगों ने ट्रेन से यात्रा का इरादा बदलकर टैक्सी और बसों की मदद ली है।

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