JID SACH KI: EDITORIAL

तमसो मा ज्योतिर्गमय

सवाल यह है कि क्या दीपावली के निहित संदेश को भारतीय समाज आत्मसात कर पाया है? क्या हम अपने भीतर और बाहर की बुराइयों से निजात पा सके हैं? क्या समाज में व्याप्त तमाम कुरीतियां समाप्त हो चुकी हैं? क्या सांप्रदायिकता और जातिवाद के जहर से देश की राजनीति मुक्त हो पायी है? क्या भुखमरी…